Husband की पॉकेट मनी से Wife कर रही है SIP तो हो जाएं सावधान! Income tax का 'क्लबिंग रूल' बिगाड़...

Edited By Updated: 26 Feb, 2026 01:01 PM

income tax clubbing rule can ruin your budget

मध्यमवर्गीय परिवारों में अक्सर पति अपनी पत्नी के नाम पर निवेश (Investment) करते हैं ताकि भविष्य सुरक्षित रहे और टैक्स की बचत हो सके लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयकर विभाग (Income Tax Department) की नजर आपके इस स्मार्ट कदम पर होती है? अगर आप अपनी...

Tax on SIP in Wife's Name : मध्यमवर्गीय परिवारों में अक्सर पति अपनी पत्नी के नाम पर निवेश (Investment) करते हैं ताकि भविष्य सुरक्षित रहे और टैक्स की बचत हो सके लेकिन क्या आप जानते हैं कि आयकर विभाग (Income Tax Department) की नजर आपके इस स्मार्ट कदम पर होती है? अगर आप अपनी पत्नी को पैसे गिफ्ट करते हैं और वह उसे म्यूचुअल फंड या एसआईपी (SIP) में लगाती हैं तो उस मुनाफे पर टैक्स किसे भरना होगा? आइए आसान भाषा में समझते हैं इनकम टैक्स का गणित।

गिफ्ट तो टैक्स-फ्री, लेकिन कमाई पर कैंची

आयकर अधिनियम की धारा 56(2)(vii) के तहत एक पति अपनी पत्नी को कितनी भी राशि गिफ्ट के रूप में दे सकता है उस पर पत्नी को कोई टैक्स नहीं देना होता लेकिन पेंच यहां फंसता है कि यदि पत्नी उस गिफ्ट के पैसे को कहीं निवेश करती है तो वहां से होने वाली कमाई पत्नी की नहीं बल्कि पति की मानी जाती है। इसे क्लबिंग ऑफ इनकम (Clubbing of Income) का नियम कहा जाता है।

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कैसे काम करता है क्लबिंग का नियम? (धारा 64)

मान लीजिए हितेश अपनी पत्नी ऋचा को हर महीने 10 हजार रुपये देते हैं और ऋचा उसकी एसआईपी (SIP) शुरू कर देती हैं।

  1. टैक्स की जिम्मेदारी: इस एसआईपी से जो भी रिटर्न (Capital Gain) मिलेगा, वह धारा 64(1)(iv) के तहत हितेश की सालाना आय में जोड़ दिया जाएगा। हितेश को अपने टैक्स स्लैब के हिसाब से इस पर टैक्स भरना होगा।

  2. मुनाफे पर मुनाफा: यहां एक दिलचस्प मोड़ है। अगर ऋचा उस एसआईपी से मिले मुनाफे को निकालकर दोबारा कहीं निवेश करती हैं, तो उस दूसरे निवेश से होने वाली आय ऋचा की मानी जाएगी हितेश की नहीं।

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किन मामलों में नहीं लागू होता यह नियम? 

हर जगह क्लबिंग लागू नहीं होती इसके कुछ खास अपवाद भी हैं:

  • घरेलू बचत (Pin Money): अगर पति ने घर खर्च के लिए पैसे दिए और पत्नी ने उसमें से थोड़ी-थोड़ी बचत करके निवेश किया तो वह पत्नी की अपनी आय मानी जाएगी।

  • वर्किंग वाइफ: यदि पत्नी खुद नौकरीपेशा है और अपने वेतन से निवेश कर रही है तो क्लबिंग का नियम लागू नहीं होगा।

  • शादी से पहले या तलाक के बाद: यदि पैसों का ट्रांसफर शादी होने से पहले या तलाक होने के बाद हुआ है तो भी इनकम क्लब नहीं की जाएगी।

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सावधानी ही बचाव है: रखें ये रिकॉर्ड सुरक्षित

इनकम टैक्स विभाग की पूछताछ से बचने के लिए कपल्स को कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए:

  • गिफ्ट डीड (Gift Deed): बड़े ट्रांजेक्शन के मामले में गिफ्ट डीड बनवा लेना बेहतर होता है।

  • बैंक रिकॉर्ड: हमेशा बैंक ट्रांसफर (Online/Cheque) के जरिए ही पैसे दें ताकि आपके पास पुख्ता सबूत रहे कि पैसा कहां से आया।

  • ITR फाइलिंग: पति को अपनी आईटीआर (ITR) फाइल करते समय पत्नी के निवेश से हुई आय को 'Income from other sources' में दिखाना चाहिए।

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