SEBI का बड़ा धमाका: बच्चों और रिटायरमेंट वाले 44 म्यूचुअल फंड्स बंद होंगे, जानें आपके निवेश का अब क्या होगा?

Edited By Updated: 27 Feb, 2026 12:17 PM

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अब तक म्यूचुअल फंड कंपनियां बच्चों के भविष्य या बुढ़ापे की लाठी जैसे भावुक नामों का सहारा लेकर अपनी स्कीमें बेचती थीं। लेकिन बाजार नियामक सेबी ने 26 फरवरी 2026 को जारी नए आदेश में साफ कर दिया है कि निवेश 'नाम' पर नहीं, बल्कि 'रणनीति' पर आधारित होना...

नेशनल डेस्क: अब तक म्यूचुअल फंड कंपनियां बच्चों के भविष्य या बुढ़ापे की लाठी जैसे भावुक नामों का सहारा लेकर अपनी स्कीमें बेचती थीं। लेकिन बाजार नियामक सेबी ने 26 फरवरी 2026 को जारी नए आदेश में साफ कर दिया है कि निवेश 'नाम' पर नहीं, बल्कि 'रणनीति' पर आधारित होना चाहिए। इसी के साथ 'सॉल्यूशन ओरिएंटेड' (Solution-Oriented) नाम की पूरी कैटेगरी को ही खत्म कर दिया गया है।

निवेशकों के लिए इसका असली मतलब क्या है?

  1. पैसा सुरक्षित, बस घर बदलेगा: अगर आपने इन 44 स्कीमों (15 चिल्ड्रेन फंड और 29 रिटायरमेंट फंड) में निवेश किया है, तो घबराएं नहीं। आपका पैसा डूबेगा नहीं। इन स्कीमों को अब हाइब्रिड या मल्टी-एसेट जैसे उन फंड्स में मिला (Merge) दिया जाएगा जिनका रिस्क और प्रोफाइल इनके जैसा ही है।

  2. नए निवेश पर 'ब्रेक': इस आदेश के साथ ही इन 44 पुरानी स्कीमों में नए पैसे जमा करने (Fresh Subscription) पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

  3. नाम में नहीं, काम में सफाई: सेबी का मानना है कि ये फंड सिर्फ नाम के लिए 'सॉल्यूशन' थे, जबकि इनका काम बाकी हाइब्रिड फंड्स जैसा ही था। अब निवेशक बिना किसी भ्रम के सही फंड चुन सकेंगे।

'Life Cycle Funds': SEBI का नया और स्मार्ट विकल्प

पुरानी स्कीमों की जगह अब 'Life Cycle Funds' लेंगे। ये फंड उन लोगों के लिए बेहतरीन हैं जो निवेश करके भूल जाना चाहते हैं। इसकी खासियतें ये हैं:

  • उम्र के साथ बदलाव: जैसे-जैसे आपकी उम्र बढ़ेगी या आपके लक्ष्य का साल (जैसे 2045 या 2055) करीब आएगा, यह फंड अपने आप रिस्क कम कर देगा। यानी जवानी में ज्यादा इक्विटी (ज्यादा मुनाफा) और रिटायरमेंट के करीब ज्यादा डेट (ज्यादा सुरक्षा)।

  • समय सीमा: ये फंड 5 से 30 साल तक की अवधि के लिए होंगे।

अनुशासन के लिए भारी जुर्माना (Exit Load)

सेबी ने साफ कर दिया है कि ये फंड लंबी अवधि के लिए हैं, इसलिए बीच में पैसा निकालने वालों पर कड़ा जुर्माना लगेगा:

  • 1 साल के भीतर निकासी: 3% चार्ज

  • 2 साल के भीतर निकासी: 2% चार्ज

  • 3 साल के भीतर निकासी: 1% चार्ज

 म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास अपनी स्कीमों को नए नियमों के सांचे में ढालने के लिए 6 महीने का समय है। यह बदलाव म्यूचुअल फंड बाजार को और अधिक पारदर्शी और "True-to-Label" (जो नाम, वही काम) बनाएगा।

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