हिंद-दी-चादर समागम में बंजारा महिलाओं के पारंपरिक नृत्य ने बांधा समा, दिखी सांस्कृतिक एकता की झलक

Edited By Updated: 28 Feb, 2026 06:50 PM

traditional dance of banjara women enthralled the audience at hind di chadar sam

श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी समागम वर्ष के मौके पर खारघर में आयोजित भव्य कार्यक्रम 'हिंद-दी-चादर' में बंजारा समुदाय की महिलाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक गहनों से सजी इन महिलाओं ने लोक नृत्य...

नवी मुंबई : श्री गुरु तेग बहादुर साहिबजी के 350वें शहीदी समागम वर्ष के मौके पर खारघर में आयोजित भव्य कार्यक्रम 'हिंद-दी-चादर' में बंजारा समुदाय की महिलाओं ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। रंग-बिरंगी पारंपरिक वेशभूषा और आकर्षक गहनों से सजी इन महिलाओं ने लोक नृत्य पेश कर वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।

शनिवार, 28 फरवरी को हुए इस कार्यक्रम में बंजारा महिलाओं के नृत्य की वजह से पूरा माहौल उत्साह और सांस्कृतिक एकता के रंग में रंग गया। अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने इस प्रस्तुति की खूब सराहना की। इस समागम के दौरान धर्म, संस्कृति और पुरानी परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला।

बंजारा समाज की महिलाओं ने अपने नृत्य के जरिए एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विविधता का संदेश दिया। इस पूरे आयोजन का मुख्य उद्देश्य गुरु ग्रंथ साहिब की शिक्षाओं के अनुसार समानता और मानवता के विचार को लोगों के बीच और अधिक मजबूत करना था।

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