Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Feb, 2026 08:53 AM

उत्तर प्रदेश अपनी पुरानी छवि को पीछे छोड़कर अब रफ्तार की नई परिभाषा लिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार एक ऐसी विकास यात्रा पर निकल पड़ी है जहाँ 'कनेक्टिविटी' ही कामयाबी का असली मंत्र है। सरकार की कोशिश है कि यूपी का कोई...
नेशनल डेस्क: उत्तर प्रदेश अपनी पुरानी छवि को पीछे छोड़कर अब रफ्तार की नई परिभाषा लिख रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार एक ऐसी विकास यात्रा पर निकल पड़ी है जहां 'कनेक्टिविटी' ही कामयाबी का असली मंत्र है। सरकार की कोशिश है कि यूपी का कोई भी कस्बा खुद को अलग-थलग महसूस न करे, बल्कि एक्सप्रेसवे के जरिए वह सीधे देश की राजधानी और बड़े औद्योगिक केंद्रों से जुड़ा रहे।
12 नए रास्तों से बदलेगी प्रदेश की किस्मत
लहाल उत्तर प्रदेश में 7 एक्सप्रेसवे पर गाड़ियां फर्राटा भर रही हैं, जबकि 3 अन्य रास्तों को तैयार करने का काम युद्ध स्तर पर जारी है। इन तीनों के चालू होते ही प्रदेश के पास 10 एक्सप्रेसवे की ताकत होगी। लेकिन असली धमाका तब होगा जब सरकार की योजना के मुताबिक 12 और नए एक्सप्रेसवे जमीन पर उतरेंगे।
इसके साथ ही यूपी कुल 22 एक्सप्रेसवे वाला देश का इकलौता राज्य बनकर इतिहास रच देगा। यह सिर्फ सड़कों का जाल नहीं है, बल्कि व्यापार और सप्लाई चेन को मजबूत करने वाली वो धमनियां हैं जो सूबे की अर्थव्यवस्था में नई जान फूंक देंगी। जब एक कोने से दूसरे कोने तक पहुंचना आसान होगा, तो निवेश खुद-ब-खुद खिंचा चला आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए दरवाजे खुलेंगे।
आसमान में भी बढ़ेगी ताकत: 5 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के साथ रचेगा कीर्तिमान सिर्फ जमीन ही नहीं, उत्तर प्रदेश आसमान के रास्ते भी अपनी धाक जमाने को तैयार है। मौजूदा समय में प्रदेश में 16 हवाई अड्डे काम कर रहे हैं, जिनमें से 4 अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं। जल्द ही जेवर में बन रहा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट इस सूची में 17वें स्थान पर जुड़ जाएगा।
यह न केवल राज्य का 5वां अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होगा, बल्कि इसके शुरू होते ही यूपी देश का पहला ऐसा राज्य बन जाएगा जिसके पास 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट होंगे। सरकार की यह दोहरी रणनीति—जमीन पर एक्सप्रेसवे और आसमान में एयरपोर्ट—उत्तर प्रदेश को एक ग्लोबल बिजनेस हब बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम मानी जा रही है।