दिल्ली : मुख्यमंत्री ने काली पट्टी बांधकर महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा

Edited By Updated: 18 Apr, 2026 08:08 PM

wearing a black armband the chief minister took aim at the opposition over the

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता संसद में नारी शक्ति संशोधन विधेयक पारित न होने के विरोध में शनिवार को यहां एक सम्मेलन में काली पट्टी बांधकर पहुंचीं। रेखा ने इसे 'दुखद' घटनाक्रम बताते हुए शुक्रवार को लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित...

नेशनलड डेस्क : दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता संसद में नारी शक्ति संशोधन विधेयक पारित न होने के विरोध में शनिवार को यहां एक सम्मेलन में काली पट्टी बांधकर पहुंचीं। रेखा ने इसे 'दुखद' घटनाक्रम बताते हुए शुक्रवार को लोकसभा में 131वें संविधान संशोधन विधेयक को पारित होने से रोकने के लिए विपक्षी दलों की कड़ी आलोचना की। उन्होंने 'कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स' (सीएआईटी) द्वारा आयोजित महिला उद्यमी शिखर सम्मेलन में कहा कि प्रत्येक महिला अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्र में विपक्षी दलों के 'महिला-विरोधी' रुख को उठाएगी।

मुख्यमंत्री ने शिखर सम्मेलन में महिलाओं के अधिकारों के समर्थन में नारे भी लगाए। रेखा ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "विपक्ष ने ठान लिया था कि किसी भी कीमत पर हम महिलाओं को लोकसभा तक नहीं पहुंचने देंगे। सच्चाई यह है कि उन्हें सिर्फ अपने परिवार की महिलाओं की चिंता है, देश की 70 करोड़ महिलाओं की नहीं।" उन्होंने दावा किया कि विपक्षी दल इस मुद्दे पर राजनीति करना चाहते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा, ''वे नहीं चाहते कि देश की आधी आबादी संसद तक पहुंचे। विपक्ष के महिला विरोधी रुख पर उनके निर्वाचन क्षेत्रों की हर महिला सवाल उठाएगी।'' उन्होंने कहा, ''1971 में देश की आबादी करीब 50 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 140 करोड़ हो गई है। उस हिसाब से सीटों की संख्या बढ़नी चाहिए लेकिन आपको (विपक्ष को) समस्या इसलिए थी, क्योंकि आप अपनी मौजूदा सीटों का विभाजन नहीं चाहते थे और न ही किसी महिला को आगे आने देना चाहते थे।''

रेखा ने कहा, ''जब हम भारत की तुलना बड़े देशों से करते हैं, तो विपक्ष को यह भी देखना चाहिए कि वहां महिलाओं का प्रतिनिधित्व करीब 50 प्रतिशत है और कुछ देशों में इससे भी अधिक है।'' मुख्यमंत्री ने कहा, "एक महिला मुख्यमंत्री के तौर पर, यह महज राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि गरिमा और संवेदनशीलता का सवाल है।" उन्होंने कहा कि करोड़ों महिलाओं को निर्णय लेने में भूमिका देने का एक महत्वपूर्ण अवसर छीन लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने महिला सशक्तीकरण में बाधा डाली है। रेखा ने कहा, "महिलाएं सब कुछ देख और समझ रही हैं। इस अन्याय का जवाब जरूर दिया जाएगा।" उन्होंने जोर देकर कहा कि देश बदल चुका है और महिलाएं अब अपने अधिकारों का दावा करेंगी।

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