Edited By Radhika,Updated: 26 Feb, 2026 06:00 PM

मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने NCERT Controversy के मुद्दे पर अपनी गहरी आपत्ति जताई है। पीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से तीखे सवाल किए। सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी सामने आई है कि पीएम इस बात से काफी...
NCERT Controversy: मंगलवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की उच्च स्तरीय बैठक में पीएम मोदी ने NCERT Controversy के मुद्दे पर अपनी गहरी आपत्ति जताई है। पीएम ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से तीखे सवाल किए। सूत्रों के हवाले से ऐसी जानकारी सामने आई है कि पीएम इस बात से काफी दुखी और हैरान थे कि स्कूली बच्चों को इस तरह के नकारात्मक और संवेदनशील विषय पढ़ाए जा रहे हैं।
अधिकारियों से पूछे सवाल
बैठक के दौरान पीएम ने सवाल करते हुए पूछा कि आठवीं कक्षा के छोटे बच्चों के मन में न्यायपालिका जैसी संस्था के प्रति भ्रष्टाचार जैसे विचार डालना क्या उनकी उम्र और समझ के लिहाज से उचित है? हालांकि इस चर्चा पर कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी नहीं हुआ है।

शिक्षा मंत्री ने दिया कार्यवाही का आश्वासन
विवाद बढ़ता देख केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर खेद जताते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा न्यायपालिका का अनादर करने की कतई नहीं थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस चैप्टर को तैयार करने और मंजूरी देने वाले पैनल की जिम्मेदारी तय की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ आवश्यक अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सरकार अदालत के हर आदेश का सम्मान करते हुए उसका पालन करेगी।

सुप्रीम कोर्ट का कड़ा फैसला
इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को बड़ा फैसला सुनाया। CJI सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने NCERT की सोशल साइंस की पुस्तक ‘Exploring Society: India and Beyond’ (Vol II) के प्रकाशन और डिजिटल वितरण पर पूरी तरह से रोक लगा दी है।अदालत ने इसे संस्थान की गरिमा को धूमिल करने की एक गहरी साजिश करार दिया है। पीठ ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि बच्चों को ऐसा संदेश देना न्यायपालिका की छवि को जानबूझकर नुकसान पहुँचाने जैसा है।