समर्पण और मेहनत से इंसान क्या नहीं कर सकता, फिर चाहे दिन में चाय बेच कर बड़ा ऑफिसर बनने का सपना ही क्यू ना हो

Edited By Updated: 14 Nov, 2023 12:02 PM

what can t a person do with dedication and hard work

बोकारो सेक्टर 4 केंद्रीय विद्यालय के सामने स्थित पोस्ट ग्रेजुएट चाय स्टॉल, जिसे संतोष चला रहे हैं, बहुत प्रसिद्ध हो गया है। लोग बोर्ड पड़कर इस स्टॉल पर उत्सुकता के साथ चाय पीने के लिए आ रहे हैं।संतोष, सेक्टर 3 में रहने वाले हैं, एक इंटरव्यू के दौरान...

नेशनल डेस्क: बोकारो सेक्टर 4 केंद्रीय विद्यालय के सामने स्थित पोस्ट ग्रेजुएट चाय स्टॉल, जिसे संतोष चला रहे हैं, बहुत प्रसिद्ध हो गया है। लोग बोर्ड पड़कर इस स्टॉल पर उत्सुकता के साथ चाय पीने के लिए आ रहे हैं।संतोष, सेक्टर 3 में रहने वाले हैं, एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि वे पढ़ाई के साथ पार्ट-टाइम जॉब करना चहता था, लेकिन जब उन्हें कोई नौकरी नहीं मिली तो उन्होंने चाय का स्टॉल लगा कर काम करना शुरु कर दिया। चाय स्टॉल को चलाने में उन्हें लोगों का अच्छा रिस्पॉन्स मिल रहा है, और रोजाना 25 लीटर दूध की खपत हो रही है। जिससे उनकी रोज की अच्छी कमाई हो रही है।

संतोष ने अपने सपने के बारे में बताते हुए कहा कि उनका बड़ा अफसर बनने का ख्वाब है, लेकिन आर्थिक समस्याएं उनकी पढ़ाई में तंगी में डाल रही थीं। इसके बावजूद, उन्होंने रोजाना सुबह 8:00 बजे से लेकर शाम 7 बजे तक चाय की दुकान चलाना शुरू किया है, और शाम में प्रवेश परीक्षा की तैयारी भी कर रहे हैं। संतोष ने बताया कि उन्होंने बिहार बोर्ड से मैट्रिक (2010) और इंटर (2012) की पढ़ाई की, फिर 2015 से 2017 तक आईटीआई किया। वर्तमान में, वह ओपन यूनिवर्सिटी इग्नू में पीजी की पढ़ाई कर रहे हैं।

ताजा दूध और ब्रांडेड चाय पत्ती का करते हैं उपयोग
चाय स्टॉल को खोलने के पीछे की कहानी संतोष ने साझा करते हुए कहा, "इसमें कम लागत और अधिक मुनाफा होता है। उनकी चाय की विशेषता यह है कि वह ताजा दूध और ब्रांडेड चाय पत्ती का उपयोग करते हैं, जिससे चाय का स्वाद और भी बढ़ता है। वर्तमान में, उनकी दुकान पर कप चाय की कीमत 7 रुपये है, जबकि आधे कप की कीमत 5 रुपये है। उनके द्वारा बिक्री की जाने वाली लिट्टी की कीमत 10 रुपये है।

संतोष ने बताया कि उनका परिवार एक किसान परिवार है, जहां उनके पिताजी बृजेंद्र सिंह किसान हैं, और मां गृहिणी हैं। उन्होंने आगे कहा," उनके माता-पिता का सपना है कि उनका बेटा कुछ बड़ा करे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेरोजगार रहने की बजाय युवा छोटे-मोटे व्यापार करें, जिससे उनके परिवार पर आर्थिक बोझ कम हो और वे आत्मनिर्भर बनें। इससे उनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

 

 

Related Story

Trending Topics

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!