Edited By Mansa Devi,Updated: 12 Jan, 2026 04:13 PM

दिल्ली में रहने वाले लाखों लोग हर साल लोक अदालत का इंतजार करते हैं ताकि अपने पुराने ट्रैफिक चालान कम रकम में निपटा सकें या माफ करवा सकें। 10 जनवरी 2026 को दिल्ली के लिए लोक अदालत का आयोजन किया गया था, लेकिन अगर आप किसी वजह से इस मौके का फायदा नहीं...
नेशनल डेस्क: दिल्ली में रहने वाले लाखों लोग हर साल लोक अदालत का इंतजार करते हैं ताकि अपने पुराने ट्रैफिक चालान कम रकम में निपटा सकें या माफ करवा सकें। 10 जनवरी 2026 को दिल्ली के लिए लोक अदालत का आयोजन किया गया था, लेकिन अगर आप किसी वजह से इस मौके का फायदा नहीं उठा पाए, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। अब 2026 में दिल्ली में लगने वाली अगली लोक अदालत की तारीखें सामने आ चुकी हैं।
दरअसल, दिसंबर 2025 में होने वाली लोक अदालत को आगे बढ़ाकर 10 जनवरी 2026 कर दिया गया था और यह आयोजन केवल दिल्ली के लोगों के लिए था। इसके बाद से लोग अगली लोक अदालत की तारीख जानने का इंतजार कर रहे थे।
2026 में दिल्ली में कब-कब लगेगी लोक अदालत
Lok Adalat 2026 Schedule
पहली लोक अदालत: 14 मार्च 2026
दूसरी लोक अदालत: 9 मई 2026
तीसरी लोक अदालत: 12 सितंबर 2026
चौथी लोक अदालत: 12 दिसंबर 2026
लोक अदालत क्या होती है और इसमें क्या फायदे मिलते हैं
लोक अदालत एक वैकल्पिक न्याय व्यवस्था है, जहां पुराने और छोटे मामलों का निपटारा आपसी सहमति से किया जाता है। ट्रैफिक चालानों के मामले में लोक अदालत लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आती है। यहां पुराने पेंडिंग चालान कम राशि में निपटाए जा सकते हैं और कई मामलों में चालान पूरी तरह माफ भी हो जाते हैं।
हालांकि, हर तरह के चालान लोक अदालत में नहीं निपटाए जाते। दुर्घटना से जुड़े मामले, गंभीर अपराध या क्रिमिनल केस की सुनवाई लोक अदालत में नहीं होती। आमतौर पर छोटे ट्रैफिक उल्लंघन जैसे रेड लाइट जंप करना, हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना या जेब्रा लाइन पर गाड़ी खड़ी करने जैसे मामलों का निपटारा यहां किया जाता है।
लोक अदालत में जाने के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी होते हैं
बहुत से लोगों को यह जानकारी नहीं होती कि लोक अदालत वाले दिन कौन-कौन से कागजात साथ ले जाने जरूरी होते हैं। अगर आपने लोक अदालत के लिए पहले से टोकन या अप्वाइंटमेंट ले रखी है, तो आपको केवल उसी टोकन या अप्वाइंटमेंट स्लिप का प्रिंट आउट साथ रखना होता है। इस स्लिप में चालान से जुड़ी पूरी जानकारी होती है, जैसे चालान कब और कहां कटा, मोटर व्हीकल एक्ट की कौन सी धारा लगी है और आपको किस कोर्ट रूम में कितने बजे पहुंचना है। इसी स्लिप के नीचे बारकोड के साथ तीन छोटी स्लिप भी होती हैं। चालान भरने के बाद इनमें से एक स्लिप आपको लोक अदालत की तरफ से दी जाती है, जो भुगतान का प्रमाण होती है।
लोक अदालत क्यों है आम लोगों के लिए फायदेमंद
लोक अदालत न सिर्फ समय बचाती है, बल्कि कोर्ट की लंबी प्रक्रिया और ज्यादा जुर्माने से भी राहत दिलाती है। जिन लोगों के चालान लंबे समय से पेंडिंग हैं, उनके लिए यह एक आसान और किफायती रास्ता साबित होता है। 2026 में तय तारीखों पर आयोजित होने वाली लोक अदालतें दिल्ली वालों के लिए एक बार फिर बड़ा मौका लेकर आ रही हैं।