Edited By Mansa Devi,Updated: 08 Jan, 2026 12:12 PM

महिलाओं की सुरक्षा, भागीदारी और करियर ग्रोथ के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई देश के सबसे बेहतर शहर बने हुए हैं। यह खुलासा वर्कप्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की रिपोर्ट ‘टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI)’ के चौथे संस्करण में हुआ है।
नेशनल डेस्क: महिलाओं की सुरक्षा, भागीदारी और करियर ग्रोथ के मामले में बेंगलुरु और चेन्नई देश के सबसे बेहतर शहर बने हुए हैं। यह खुलासा वर्कप्लेस कल्चर कंसल्टिंग फर्म अवतार ग्रुप की रिपोर्ट ‘टॉप सिटीज फॉर वीमेन इन इंडिया (TCWI)’ के चौथे संस्करण में हुआ है।
रिपोर्ट में देश के 125 शहरों को महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और करियर ग्रोथ के आधार पर रैंक किया गया है। बेंगलुरु ने 53.29 के सिटी इन्क्लूजन स्कोर (CIS) के साथ पहला स्थान हासिल किया है। इस रैंकिंग की तुलना 2022 से अब तक की पिछली रिपोर्ट्स के आंकड़ों से की गई है। CIS स्कोर अवतार ग्रुप के रिसर्च और सरकारी आंकड़ों के आधार पर तैयार किया गया है।
TCWI रिपोर्ट एक लॉन्गिट्यूडिनल इन्क्लूजन इंडेक्स पेश करती है, जो यह आकलन करता है कि भारतीय शहर किस हद तक महिलाओं की भागीदारी, सुरक्षा और करियर ग्रोथ/कंटिन्यूटी को सक्षम बनाते हैं। इसके साथ ही यह रिपोर्ट रोल मॉडल शहरों, उभरती हुई बेहतरीन प्रैक्टिस और संगठनों, नीति-निर्माताओं व शहरी हिस्सेदारों के लिए एक स्ट्रक्चरल फ्रेमवर्क भी प्रदान करती है।
दो प्रमुख पैमानों पर आधारित है CIS
सिटी इन्क्लूजन स्कोर (CIS) दो प्रमुख पैमानों पर आधारित है। पहला है सोशल इन्क्लूजन स्कोर (SIS), जो यह आकलन करता है कि किसी शहर में महिलाओं के लिए रहना कितना आसान है, वहां उनकी सुरक्षा की स्थिति कैसी है, नौकरियों में उनकी भागीदारी कितनी है और उन्हें सशक्तिकरण व आगे बढ़ने के कितने अवसर उपलब्ध हैं। दूसरा पैमाना इंडस्ट्रियल इन्क्लूजन स्कोर (IIS) है, जिसमें महिला-अनुकूल कंपनियों की संख्या, ऐसे उद्योगों की मौजूदगी जहां महिलाओं को समान अवसर मिलते हों, तथा कंपनियों द्वारा महिलाओं को दिए जाने वाले करियर सपोर्ट और सुविधाओं को शामिल किया जाता है।
रिपोर्ट के प्रमुख
- बेंगलुरु ने 53.29 CIS स्कोर के साथ शीर्ष स्थान बरकरार रखा, जहां करियर अवसर और इंडस्ट्री सपोर्ट मजबूत हैं।
- चेन्नई दूसरे स्थान पर रहा और सेफ्टी, पब्लिक सर्विस, मोबिलिटी, हेल्थ और एजुकेशन जैसे सोशल फैक्टर्स में बेहतर प्रदर्शन किया।
- पुणे, हैदराबाद और मुंबई टॉप-5 शहरों में शामिल रहे।
- गुरुग्राम ने बड़ी सुधार दिखाते हुए 2024 के मुकाबले अपनी रैंकिंग बेहतर की।
- दिल्ली, गुरुग्राम और नोएडा इंडस्ट्री के मामले में आगे हैं, लेकिन सेफ्टी, अफॉर्डेबिलिटी और मोबिलिटी में पीछे रहे।
- तिरुवनंतपुरम, शिमला और तिरुचिरापल्ली सोशल इन्क्लूजन में अच्छे हैं, लेकिन बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर सीमित हैं।
- मुंबई में जॉब्स और इंडस्ट्री मजबूत हैं, लेकिन रहने की ऊंची लागत और इंफ्रास्ट्रक्चर बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
- 2025 की रैंकिंग में टियर-2 शहरों की भागीदारी बढ़ी है, जो दर्शाता है कि महिला-अनुकूल शहर अब केवल मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं हैं।
दक्षिण भारत सबसे आगे
रिपोर्ट के अनुसार, दक्षिण भारत सबसे समावेशी क्षेत्र बनकर उभरा है, जहां औसत CIS 21.60, SIS 27.81 और IIS 11.61 दर्ज किया गया। पश्चिमी भारत दूसरे स्थान पर रहा और यहां औसत IIS 12.01 के साथ सबसे बेहतर इंडस्ट्रियल इन्क्लूजन देखा गया। वहीं मध्य और पूर्वी भारत सोशल और इंडस्ट्रियल इन्क्लूजन, खासकर इंडस्ट्रियल इन्क्लूजन के मामले में पीछे रहे।