कौन है सबसे युवा सी.एम. पेमा खांडू जो फिर संभाल सकते हैं अरुणाचल में भाजपा की सत्ता

Edited By Updated: 03 Jun, 2024 09:08 AM

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भाजपा लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश की सत्ता में लौट आई। मुख्यमंत्री पेमा खांडू निर्विरोध जीतने वाले 10 उम्मीदवारों में से एक हैं। संभावना है कि खांडू सीएम पद पर बने रहेंगे।

नेशनल डेस्क: भाजपा लगातार तीसरी बार अरुणाचल प्रदेश की सत्ता में लौट आई। मुख्यमंत्री पेमा खांडू निर्विरोध जीतने वाले 10 उम्मीदवारों में से एक हैं। संभावना है कि खांडू सीएम पद पर बने रहेंगे। देश के सबसे युवा मुख्यमंत्री पेमा खांडू (44) ने अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री दोरजी खांडू के पदचिन्हों पर चलते हुए 2011 में चीन की सीमा से लगे तवांग जिले के लुगुथांग के पास एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में अपनी जान गंवा दी थी। परिवार के सबसे बड़े बेटे पेमा खांडू ने दिल्ली के प्रतिष्ठित हिंदू कॉलेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की थी और अपने पिता के निधन के बाद वे जल्दी ही शासन में आ गए थे।

2011 में की सक्रिय राजनीति की शुरुआत
तवांग से ताल्लुक रखने वाले खांडू ने पहली बार 2011 में अपने पिता की मृत्यु के बाद खाली हुई सीट को भरने के लिए अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में प्रवेश किया था। मुक्तो (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र से विधायक के रूप में उनका चुनाव निर्विरोध हुआ और उन्हें जल्द ही राज्य सरकार में जल संसाधन विकास और पर्यटन मंत्री के रूप में जारबोम गामलिन मंत्रालय में शामिल कर लिया गया।

सरकार में रहे कैबिनेट मंत्री
वे 21 नवंबर, 2011 से नबाम तुकी सरकार में ग्रामीण निर्माण विभाग और पर्यटन के कैबिनेट मंत्री भी बने और उसके बाद पर्यटन, नागरिक उड्डयन और कला एवं संस्कृति के कैबिनेट मंत्री के रूप में राज्य की सेवा की।आम चुनाव के बाद 1 जून 2014 को नबाम तुकी सरकार में खांडू को शहरी विकास मंत्री के रूप में फिर से शामिल किया गया।

पेमा खांडू 2016 में भाजपा में हुए थे शामिल
खांडू मोनपा जनजाति से हैं। वह 2000 के आरंभ में कांग्रेस में शामिल हुए और 2005 में अरुणाचल प्रदेश कांग्रेस समिति के सचिव तथा 2010 में तवांग जिला कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बने। 2014 के विधानसभा चुनाव में खांडू मुक्तो से निर्विरोध निर्वाचित हुए। 2016 में उन्होंने पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के 32 विधायकों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।

खेल और संगीत को दिया बढ़ावा
जिले में खेलों को बढ़ावा देने के अलावा, खांडू ने तवांग और पश्चिम कामेंग जिलों में प्रतिभा शो आयोजित करके पारंपरिक गीतों को संरक्षित करने के लिए स्थानीय युवाओं के बीच प्रतिभा खोज को भी बढ़ावा दिया। उन्हें फुटबॉल, क्रिकेट, बैडमिंटन और वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलों का भी शौक है। वे वहां की विभिन्न जनजातियों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों के साथ एक शांतिपूर्ण और सामाजिक-आर्थिक रूप से जीवंत राज्य विकसित करने के इच्छुक हैं।

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