Edited By Mansa Devi,Updated: 23 Oct, 2025 01:02 PM

अगर आप सोना या चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि किस रूप में खरीदारी करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। ज्वेलरी, कॉइन, बार या ETF हर विकल्प के फायदे और नुकसान अलग हैं। इस पर एक्सपर्ट अजय केडिया, केडिया केपटिल के फाउंडर, ने...
नेशनल डेस्क: अगर आप सोना या चांदी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह जानना बेहद जरूरी है कि किस रूप में खरीदारी करना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। ज्वेलरी, कॉइन, बार या ETF हर विकल्प के फायदे और नुकसान अलग हैं। इस पर एक्सपर्ट अजय केडिया, केडिया केपटिल के फाउंडर, ने विस्तार से जानकारी दी।
उपयोग के लिए सोना खरीदना:
अगर आपके घर आने वाले 2-3 साल में शादी या कोई बड़ा समारोह है, तो ज्वेलरी के रूप में सोना खरीदना फायदेमंद रहेगा। ऐसा करने से आप बढ़ते मेकिंग चार्ज और डिजाइन बदलाव के खर्च से बच सकते हैं। हालांकि, ज्वेलरी में निवेश का नुकसान यह है कि इसे बेचते समय मेकिंग चार्ज वापस नहीं मिलता, जिससे रिटर्न कम हो जाता है।
निवेश के लिए सोना या चांदी:
अगर सोना या चांदी सिर्फ निवेश के लिए खरीद रहे हैं और इस्तेमाल की जल्दी नहीं है, तो कॉइन या बार लेना समझदारी होगी। इन पर कम मेकिंग चार्ज लगता है और जरूरत पड़ने पर इन्हें आसानी से बेचा या एक्सचेंज किया जा सकता है। इसके अलावा, Gold ETFs या Sovereign Gold Bonds में निवेश करना भी सुरक्षित विकल्प है क्योंकि इसमें स्टोरेज या मेकिंग चार्ज की दिक्कत नहीं होती।
सरकार के कदम से बढ़ी पारदर्शिता:
भारत सरकार ने HSN कोड और HUID सिस्टम लागू किया है, जिससे सोने-चांदी की ज्वेलरी की सोर्स ट्रैकिंग आसान हो गई है। HUID (Hallmark Unique Identification) से हर ज्वेलरी आइटम की पहचान संभव है। इसका मतलब है कि अब आपको पता रहेगा कि यह ज्वेलरी कहां बनी है और कितनी शुद्ध है।
साथ ही, सोने पर 3% GST लागू है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आने वाले समय में टैक्स में कोई कमी आती है, तो गोल्ड खरीदारी और तेज़ हो सकती है।
सोना-चांदी की कीमतों पर नजर:
अजय केडिया के मुताबिक, हाल ही में सोने के दाम में लगभग 8-8.5% की गिरावट देखी गई है। भविष्य में इसमें 10-12% तक और गिरावट संभव है। आंकड़ों के अनुसार, अगर सोना ₹1,24,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास आता है, तो यह खरीदने का अच्छा समय हो सकता है। वहीं, चांदी में 40,000 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट की संभावना जताई जा रही है। निवेशकों के लिए यह मौका धैर्य रखने पर लाभदायक साबित हो सकता है।