Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Apr, 2026 09:41 AM

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए डिजिटल क्रांति की ओर कदम बढ़ा चुका है। 'EPFO 3.0' पहल के तहत पीएफ निकासी से लेकर पेंशन वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को हाईटेक बनाया जा रहा है। श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने...
EPFO 3.0 Digital Reforms 2026 : कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों अंशधारकों के लिए डिजिटल क्रांति की ओर कदम बढ़ा चुका है। 'EPFO 3.0' पहल के तहत पीएफ निकासी से लेकर पेंशन वितरण तक की पूरी प्रक्रिया को हाईटेक बनाया जा रहा है। श्रम और रोजगार राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने हाल ही में संसद में इस प्रोजेक्ट की प्रगति का ब्योरा साझा किया जिससे साफ है कि अब पीएफ दफ्तरों के चक्कर काटने के दिन लदने वाले हैं।
1. ऑटो-सेटलमेंट का बढ़ा दायरा: अब ₹5 लाख तक तुरंत भुगतान
EPFO ने मानवीय हस्तक्षेप को कम करने के लिए ऑटो-सेटलमेंट की सीमा को 1 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया है। 25 फरवरी 2026 तक इस सिस्टम के जरिए 3.52 करोड़ से ज्यादा क्लेम प्रोसेस किए जा चुके हैं। अब ₹5 लाख तक की निकासी के लिए आपको हफ्तों इंतज़ार नहीं करना होगा सॉफ्टवेयर खुद ही पात्रता की जांच कर पैसा रिलीज कर देगा।
2. नौकरी बदली तो नहीं होगी टेंशन: ऑटो-ट्रांसफर शुरू
पुरानी व्यवस्था में नौकरी बदलने पर पीएफ बैलेंस ट्रांसफर करना एक सिरदर्द था। अब इसे पूरी तरह ऑटोमैटिक कर दिया गया है।
3. पेंशनर्स के लिए 'CPPS' की नई सौगात
1 जनवरी 2025 से देश के सभी ईपीएफओ कार्यालय सेंट्रलाइज्ड पेंशन पेमेंट सिस्टम (CPPS) पर शिफ्ट हो गए हैं। इससे करीब 70 लाख पेंशनभोगियों को फायदा मिल रहा है। अब पेंशन का वितरण पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गया है।

4. UPI से निकलेगा पैसा और 8.25% मिलेगा ब्याज
-
UPI सुविधा: ईपीएफओ जल्द ही UPI के जरिए पीएफ निकासी की सुविधा शुरू करने जा रहा है जिस पर अभी काम चल रहा है।
-
ब्याज दर: वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर 8.25 फीसदी की ब्याज दर को बरकरार रखा गया है। यह लगातार तीसरा साल है जब ब्याज दर को इसी स्तर पर रखा गया है।
5. ट्रस्टों के लिए 'एमनेस्टी स्कीम' और आसान नियम
सरकार ने उन ट्रस्टों के लिए माफी योजना (Amnesty Scheme) शुरू की है जो अब तक नियमों के दायरे में नहीं आए थे। यह 6 महीने का कार्यक्रम है जिसमें ट्रस्टों को पेनाल्टी और ब्याज में छूट मिलेगी ताकि वे अपने कर्मचारियों को कानूनी लाभ दे सकें। साथ ही कामकाज को आसान बनाने के लिए एक नया SOP (Standard Operating Procedure) भी मंजूर किया गया है।