Edited By Radhika,Updated: 22 Jan, 2026 01:11 PM

महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम रहा। राज्य के शहरी विकास विभाग ने 29 महानगरपालिकाओं (Municipal Corporations) के मेयर (Mayor) पद के लिए आरक्षण की घोषणा कर दी है। एकनाथ शिंदे सरकार की मौजूदगी में 'लॉटरी सिस्टम' के जरिए यह तय किया गया कि...
BMC Mayor: महाराष्ट्र की राजनीति में आज का दिन बेहद अहम रहा। राज्य के शहरी विकास विभाग ने 29 महानगरपालिकाओं (Municipal Corporations) के मेयर (Mayor) पद के लिए आरक्षण की घोषणा कर दी है। एकनाथ शिंदे सरकार की मौजूदगी में 'लॉटरी सिस्टम' के जरिए यह तय किया गया कि आगामी ढाई साल के लिए कौन सी सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी। हालांकि, इस प्रक्रिया का शिवसेना (उबाठा) नेता और मुंबई की पूर्व महापौर किशोरी पेडनेकर ने विरोध किया। उन्होंने दावा किया कि इस निर्णय के लिए नियमों में किसी को सूचना दिए बिना बदलाव किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले दो महापौर सामान्य वर्ग से थे, इसलिए नए महापौर का चयन अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से होना चाहिए था। पेडनेकर ने कहा, ‘‘जिस तरह से प्रक्रिया (लॉटरी) की गई, हम उसकी निंदा करते हैं।'' लॉटरी के माध्यम से यह निर्धारित किया जाता है कि महापौर का पद किन श्रेणियों के लिए आरक्षित होगा, जैसे सामान्य, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग। श्रेणी घोषित होने के बाद, योग्य उम्मीदवार अपना नामांकन दाखिल करते हैं। बृहन्मुंबई महानगर पालिका और राज्य की 28 अन्य महानगर पालिका के चुनाव 15 जनवरी को हुए थे।