Edited By Rohini Oberoi,Updated: 18 Jan, 2026 08:56 AM

इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर शनिवार से लापता इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट (IAT) के विमान को लेकर एक बड़ी खबर आई है। रविवार सुबह राहत एवं बचाव दल (SAR) को माउंट बुलुसाराउंग की ऊंची ढलानों पर विमान का मुख्य हिस्सा (fuselage) और पूंछ (tail) दिखाई दी...
Plane missing in Indonesia: इंडोनेशिया के सुलावेसी द्वीप पर शनिवार से लापता इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट (IAT) के विमान को लेकर एक बड़ी खबर आई है। रविवार सुबह राहत एवं बचाव दल (SAR) को माउंट बुलुसाराउंग की ऊंची ढलानों पर विमान का मुख्य हिस्सा (fuselage) और पूंछ (tail) दिखाई दी है। यह विमान 11 लोगों के साथ शनिवार दोपहर को रडार से गायब हो गया था।
कैसे और कहां हुआ हादसा?
विमान का संपर्क शनिवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर 1:17 बजे ग्राउंड कंट्रोल से टूट गया था। टर्बोप्रॉप ATR 42-500 विमान (रजिस्ट्रेशन PK-THT) योग्याकार्ता से दक्षिण सुलावेसी की राजधानी मकसार (Makassar) की ओर जा रहा था। विमान को अंतिम बार दक्षिण सुलावेसी के मारोस जिले के लेआंग-लेआंग क्षेत्र में ट्रैक किया गया था। परिवहन मंत्रालय के अनुसार रडार से गायब होने से ठीक पहले एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) ने विमान को अपने रास्ते में सुधार करने के निर्देश दिए थे क्योंकि वह सही लैंडिंग पाथ पर नहीं था।
पर्वतारोहियों की सूचना ने बदला सर्च ऑपरेशन
विमान की तलाश में जुटी वायुसेना और बचाव दलों को सबसे पहले स्थानीय पर्वतारोहियों ने अहम सुराग दिया। माउंट बुलुसाराउंग पर चढ़ाई कर रहे पर्वतारोहियों ने पहाड़ी की चोटियों के पास धुआं और बिखरा हुआ मलबा देखा था। रविवार सुबह हवाई गश्त के दौरान SAR हेलीकॉप्टरों ने पहाड़ के उत्तरी ढलान पर विमान के टुकड़ों की पहचान की। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि मलबे पर इंडोनेशिया एयर ट्रांसपोर्ट का लोगो साफ नजर आ रहा है।
विमान में कौन था सवार?
विमान में कुल 11 लोग मौजूद थे:
बचाव कार्य में खड़ी पहाड़ियां और कोहरा बनी बाधा
बचाव दल ने मलबे की पहचान तो कर ली है, लेकिन वहां तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती बना हुआ है। माउंट बुलुसाराउंग नेशनल पार्क का इलाका बहुत खड़ा और पथरीला है। इलाके में घना कोहरा और तेज हवाएं चल रही हैं जिससे हेलीकॉप्टर को लैंड करने के लिए समतल जगह नहीं मिल पा रही है। लगभग 400 सुरक्षाकर्मियों की टीम पैदल ही पहाड़ी रास्ते से मलबे तक पहुंचने की कोशिश कर रही है ताकि विमान में सवार लोगों की स्थिति का पता लगाया जा सके।