एम.एस.पी. पर खरीद की कानूनी गारंटी के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं कैप्टन : चीमा

Edited By Updated: 06 Nov, 2020 11:31 PM

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मोदी की जिद्द के समक्ष पंजाब के किसानों की कुर्बानी नहीं दी जा सकती विशेष सत्र के संदर्भ में नेता विपक्ष ने लिखी स्पीकर को चिट्टी

चंडीगढ़,  (रमनजीत): पंजाब के नेता विपक्ष हरपाल सिंह चीमा ने कैप्टन अमरेंद्र सरकार से मांग की है कि विधानसभा का विशेष सत्र बुलाएं, जिसमें एम.एस.पी. पर फसलों की गारंटी के साथ खरीद बारे कानून पास किया जाए। 

 


प्रैस कांफ्रैंस में चीमा ने कहा कि किसानों की एक ही मांग है कि फसलों की एम.एस.पी. पर गारंटी के साथ खरीद की जाए। अब स्पष्ट हो गया है कि केंद्र सरकार एम.एस.पी. की कानूनी हक नहीं दे रही तो कैप्टन सरकार अपने स्तर पर सुनिश्चित करे। इस तथ्य को कोई भी कृषि या आॢथक माहिर झुठला नहीं सकता कि जब मोदी सरकार द्वारा पास किए काले कृषि कानून पूर्ण रूप से पंजाब में लागू हो गए तो केंद्र और पंजाब सरकार की सभी सरकारी खरीद एजैंसियां भी गेहूं और धान की खरीद प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगी। ऐसी स्थिति में पंजाब के किसान पूरी तरह निजी और कॉर्पोरेट घरानों के रहमोकरम पर चले जाएंगे। नतीजे के तौर पर पंजाब के किसानों की फसलों का हाल यू.पी.-बिहार के किसानों जैसा हो जाएगा। इस कड़वे सच से ही डरा हुआ पंजाब का किसान एकजुट संघर्ष पर डटा हुआ है, परंतु केंद्र की मोदी सरकार की जिद्दी व बदलाखोरी नीति और पंजाब की अमरेंद्र सिंह सरकार की बेहद गैर-संजीदा और ड्रामेबाज पहुंच अति निराशाजनक है। 


चीमा ने कहा कि एम.एस.पी. पर यकीनी खरीद के लिए कानून अति जरूरी है, जो अभी तक न बनना शर्मनाक भी है। कृषि, संविधान की राज्य सूची का विषय है। इसलिए पंजाब इस संबंधी खुद अपना कानून बना सकता है। चीमा ने कहा कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरेंद्र को अपनी ड्रामेबाजी छोड़ किसानों पर आए संकट को दूर करने के लिए गंभीरता दिखानी चाहिए और बिना देरी विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए। कैप्टन एम.एस.पी. पर खरीद की कानूनी गारंटी के लिए विशेष सत्र नहीं बुला सकते तो उनको तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। 


 

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