ऑल्ट न्यूज़ की मूल कंपनी प्रावदा मीडिया को विदेशों से करीब दो लाख रुपये मिले: पुलिस

Edited By Updated: 02 Jul, 2022 01:57 PM

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नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कहा कि ‘ऑल्ट न्यूज’ को संचालित करने वाली कंपनी प्रावदा मीडिया को विभिन्न लेनदेन के जरिये दो लाख रुपये से अधिक की राशि ऐेसे माध्यमों से मिली, जिनका या तो मोबाइल फोन नंबर या आईपी पता अन्य...

नयी दिल्ली, दो जुलाई (भाषा) दिल्ली पुलिस ने शनिवार को कहा कि ‘ऑल्ट न्यूज’ को संचालित करने वाली कंपनी प्रावदा मीडिया को विभिन्न लेनदेन के जरिये दो लाख रुपये से अधिक की राशि ऐेसे माध्यमों से मिली, जिनका या तो मोबाइल फोन नंबर या आईपी पता अन्य देशों का था।

पुलिस द्वारा जारी एक बयान में बताया गया कि ‘रेजरपे’ भुगतान माध्यम से प्राप्त एक जवाब के विश्लेषण से पता चला कि ऐसे कई लेन-देन हुए, जिनमें या तो मोबाइल फोन नंबर भारत के बाहर का था या आईपी पता बैंकॉक, ऑस्ट्रेलिया, मनामा, नॉर्थ हॉलैंड, सिंगापुर, विक्टोरिया, न्यूयॉर्क, इंग्लैंड, रियाद क्षेत्र, शारजाह, स्टॉकहोम, अबू धाबी, वाशिंगटन, कंसास, न्यू जर्सी, ओंटारियो, कैलिफोर्निया, टेक्सास, लोअर सैक्सोनी, बर्न, दुबई और स्कॉटलैंड समेत बाहरी शहरों और विदेशों का था।
बयान के मुताबिक, इन लेन-देन से प्रावदा मीडिया को कुल 2,31,933 रुपए मिले।

दिल्ली पुलिस ने एक हिंदू देवता के खिलाफ 2018 में एक ‘‘आपत्तिजनक पोस्ट’’ लिखे जाने के मामले में ‘ऑल्ट न्यूज’ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को 27 जून को गिरफ्तार किया था। उन्हें शनिवार को अदालत में पेश किया गया और पुलिस ने इस मामले में उनकी 14 दिन की न्यायिक हिरासत मांगी है। उनकी चार दिन की पुलिस हिरासत शनिवार को समाप्त हो गई।

बयान में कहा गया है कि सोशल मीडिया के विश्लेषण के दौरान पाया गया कि जुबैर की गिरफ्तारी के बाद उनका समर्थन करने वाले और उनके समर्थन में ट्वीट करने वाले ज्यादातर ट्विटर हैंडल संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और कुवैत जैसे पश्चिम एशियाई देशों और पाकिस्तान जैसे देशों के हैं।

पुलिस ने जुबैर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं 120 बी (आपराधिक साजिश) और 201 (सबूत नष्ट करना) तथा विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम की धारा 35 के प्रावधान भी लगाए हैं।

जुबैर के खिलाफ शुरुआत में भारतीय दंड संहिता की धाराओं 153 (दंगा करने के इरादे से जानबूझकर भड़काना) और 295 (किसी वर्ग के धर्म का अपमान करने के इरादे से पूजा स्थल को नुकसान पहुंचाना या अपवित्र करना) के तहत मामला दर्ज किया गया था। बाद में उनके खिलाफ 295ए (धार्मिक भावनाओं को आहत करने के उद्देश्य से जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण कार्य करना) के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।



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