Edited By Pardeep,Updated: 20 Mar, 2026 01:21 AM

मिडिल ईस्ट में पिछले कुछ दिनों से ईरान-इजराइल और अमेरिका के बीच तनाव जारी है।
इंटरनेशनल डेस्कः मध्य पूर्व में जारी संघर्ष के बीच इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने कई बड़े दावे किए हैं, जिससे हालात और गंभीर होते नजर आ रहे हैं।
“ईरान अब यूरेनियम समृद्ध नहीं कर सकता”
नेतन्याहू ने कहा कि ईरान अब यूरेनियम समृद्ध (Enrich) करने की क्षमता खो चुका है और बैलिस्टिक मिसाइल बनाने में भी सक्षम नहीं रहा। उनके मुताबिक, करीब तीन हफ्तों से जारी अमेरिका-इजराइल के हवाई हमलों ने तेहरान की सैन्य और परमाणु ताकत को बुरी तरह कमजोर कर दिया है।
“अमेरिका को युद्ध में नहीं घसीटा”
इसके अलावा नेतन्याहू ने उन आरोपों को खारिज किया कि इजरायल ने संयुक्त राज्य अमेरिका को इस युद्ध में खींचा। उन्होंने कहा कि यह फैसला डोनाल्ड ट्रम्प ने खुद लिया। “क्या कोई सोचता है कि कोई ट्रंप को बता सकता है क्या करना है?”।
ईरान के ठिकानों पर जारी हमले
इजराइल का कहना है कि वह लगातार मिसाइल और ड्रोन ठिकानों, लॉन्चर सिस्टम और परमाणु से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बना रहा है। नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल ईरान के सैन्य उद्योग को पहले से ज्यादा बड़े स्तर पर खत्म कर रहा है, लेकिन ऑपरेशन अभी जारी है।
भाषण के दौरान ही ईरान का हमला
तनाव उस वक्त और बढ़ गया जब नेतन्याहू के संबोधन के दौरान ही ईरान ने इजराइल पर मिसाइलें दाग दीं। Haifa से लेकर Sea of Galilee तक सायरन बज उठे और लोगों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने की चेतावनी दी गई।
सिर्फ हवाई हमले काफी नहीं?
नेतन्याहू ने संकेत दिए कि केवल एयर स्ट्राइक से पूरी सफलता नहीं मिलेगी। जमीनी ऑपरेशन (Ground Operation) की भी जरूरत पड़ सकती है। हालांकि इस पर कोई स्पष्ट योजना साझा नहीं की गई।