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भूटान पूरी दुनिया में चर्चित अपनी फिलॉसफी के लिए है और यह है 'हैप्पीनैस इंडैक्स'। यहां जी.डी.पी. (सकल घरेलू उत्पाद) को महत्व नहीं दिया जाता , जिसके...
भूटान पर्यटन विभाग की वैबसाइट पर लिखा है - Bhutan -Believe। इसका अर्थ जानने की उत्सुकता होती है न? कि विश्वास किस पर और कैसे, किसलिए? इसका जवाब देती...
आज का युग डिजिटल क्रांति का युग है। आज मोबाइल शिक्षा, मनोरंजन, व्यापार, बैंकिंग और सूचना का प्रमुख माध्यम बन चुका है। इसके बावजूद मोबाइल का जरूरत से...
तेरह करोड़ मतदाताओं के नाम काट दिए गए! लोकतंत्र खतरे में है! वोट चोरी हो रही है! चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं है! पिछले कुछ समय से विपक्ष इन्हीं आरोपों...
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जैसे -जैसे छात्र विरोध प्रदर्शन पूरे फ्रांस में फैल रहे हैं, इसे एक आम लेकिन फ्रांस की विशिष्ट समस्या मानकर खारिज करना आसान है लेकिन इसके मूल में वह बात है जो दुनिया भर की सरकारों में तेजी से आम होती जा रही है- राजकोषीय फिजूलखर्ची। 2009-10 के ग्रीक संकट की पुनरावृत्ति दूर की कौड़ी लग सकती है लेकिन जैसे-जैसे अशांति फ्रांस की सीमाओं से परे फैल रही है, यह सोचने का समय आ गया है कि क्या इससे हमें कोई सबक मिल सकता है?
जब माननीय प्रधानमंत्री ने वर्ष 2014 में पदभार संभाला, तब कृषि और किसान कल्याण को भारत के विकास एजैंडे के केंद्र में रखा गया। वर्ष 2015 से यह प्रतिबद्धता उत्पादन और कृषि आय में सुधार से आगे बढ़कर कृषि क्षेत्र को अधिक उत्पादक, सुदृढ़, प्रौद्योगिकी-आधारित और टिकाऊ बनाने के व्यापक परिवर्तन में परिलक्षित हुई है। प्रधानमंत्री ने बार-बार इस बात पर बल दिया है कि ‘विकसित भारत के लिए भारतीय कृषि का भी विकास होना चाहिए।’ उन्होंने यह भी आह्वान किया है कि भारत केवल अपनी खाद्य आवश्यकताओं की पूॢत तक सीमित न रह
बारिश की अनिश्चितता, भूजल का अंधाधुंध दोहन और जलस्रोतों पर अतिक्रमण ने पानी के संकट को गंभीर बना दिया है। सवाल केवल पानी की उपलब्धता का नहीं, बल्कि उसे बचाने और न्यायपूर्ण ढंग से इस्तेमाल करने की जिम्मेदारी का भी है। नीति आयोग ने 2018 में अनुमान लगाया था कि 2030 तक भारत में पानी की जितनी खपत होगी, वह तब उपलब्ध पानी से दोगुनी होगी। यह उस समय का पूर्वानुमान था, आज की स्थिति का माप नहीं लेकिन ङ्क्षचता अभी से करनी होगी क्योंकि जल संरक्षण की जरूरत को समझने के लिए यह पर्याप्त चेतावनी है।
हिमाचल प्रदेश में नौतोड़ भूमि का विवाद अब संवैधानिक सतर्कता और मानवीय अपेक्षाओं के बीच टकराव का रूप लेता जा रहा है। राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने पात्रता संबंधी स्पष्टता और पारदर्शी नियमों पर जोर दिया है। लेकिन यदि समय रहते निर्णय नहीं हुआ, तो राजभवन और सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार के बीच टकराव बढ़ सकता है। पूर्व राज्यपाल, शिव प्रताप शुक्ल के कार्यकाल में नौतोड़ भूमि संबंधी विधेयक लंबे समय तक लंबित रहा।
मोटापा अब केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य की समस्या नहीं रह गया, बल्कि देशों की अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। ‘द इकोनॉमिस्ट’ की एक हालिया रिपोर्ट के अनुसार, मोटापे से अमीर देशों की जी.डी.पी. को 3 फीसदी तक का नुकसान हो सकता है। भारत में भी बदलती जीवनशैली, शारीरिक गतिविधियों में कमी और खानपान की आदतों में बदलाव की वजह से अधिक वजन और मोटापे की समस्या बढ़ती जा रही है। इसलिए हमारे यहां भी इसके आॢथक बोझ की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।
आज के टैलीविजन और ओ.टी.टी. युग में रियलिटी शो युवाओं के लिए सपनों का बाजार बन चुके हैं। ‘आप भी सेलिब्रिटी बन सकते हैं’, ‘आपकी असली कहानी दुनिया देखेगी’, ‘एक मौका और जिंदगी बदल जाएगी’। ऐसे नारे हर ऑडिशन में गूंजते हैं। हजारों युवा शहर-गांव छोड़कर, पढ़ाई छोड़कर, या नौकरी छोड़कर इन शोज में हिस्सा लेते हैं। वे मानते हैं कि जजों की सख्त नजर और कैमरों के सामने उनकी हिम्मत, प्रतिभा या दुखभरी कहानी उन्हें रातों-रात लोकप्रिय बना देगी। लेकिन हकीकत अक्सर इसके उलट होती है। ज्यादातर रियलिटी शो पूरी तरह स्क्र
भारत द्वारा प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन ‘सिख्स फॉर जस्टिस’, (एस.एफ.जे.) द्वारा 18 अक्तूबर को एडमॉन्टन में आयोजित बहुचर्चित खालिस्तान जनमत संग्रह अपनी वास्तविक उपस्थिति को लेकर जांच के घेरे में आ गया है, जबकि इसके नेता गुरपतवंत सिंह पन्नू ने कथित तौर पर भारत के खिलाफ अपनी धमकियों को फिर से दोहराया है।
21 अक्तूबर 1951 को दिल्ली में एक दीपक जलाया गया था। उस दिन कम लोगों ने सोचा होगा कि इतना छोटा दीया एक दिन पूरे देश की राजनीति को रोशन कर देगा। आज, ठीक 75 वर्ष बाद, वही दीपक कमल बनकर देश के कोने-कोने में खिल रहा है। भारतीय जनता पार्टी आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। केंद्र में लगातार तीसरी बार हमारी सरकार है और देश के अनेक राज्यों में शासन की जिम्मेदारी हमारे कंधों पर है। लेकिन इतने विस्तार और इतनी उपलब्धियों के बीच भी हम अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। भारतीय जनसंघ की हीरक जयंती हमारे लि
नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत का वार्षिक विजयादशमी व्याख्यान और प्रधानमंत्री का इंद्रप्रस्थ रामलीला मैदान में संबोधन, भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार और उसके वैचारिक स्रोत में बढ़ती चिंता को दर्शाते हैं।आर.एस.एस. प्रमुख के मन में स्पष्ट रूप से कॉकरोच जनता पार्टी के बैनर तले युवाओं द्वारा हाल ही में किए गए विरोध-प्रदर्शन और राहुल गांधी के नेतृत्व वाले विपक्ष का विचार था, जब उन्होंने कहा कि समाज, न कि विरोध प्रदर्शन, बदलाव ला सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि ‘बुरी ताकतें भारत क
विकसित भारत की ओर, भारत की यात्रा की नींव, हमारे गांवों की समृद्धि पर ही रखी जानी चाहिए। जो किसान राष्ट्र को भोजन प्रदान करता है, वह देश के आर्थिक विकास से पैदा होने वाले अवसरों में पूरे हिस्से का हकदार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘अन्नदाता’ का सशक्तिकरण शासन का एक प्रमुख उद्देश्य रहा है। एग्रीवोल्टिक्स, जिसे एग्री-पीवी भी कहा जाता है, किसानों को अपनी जमीन पर खेती जारी रखते हुए स्वच्छ बिजली पैदा करने के योग्य बनाकर इस उद्देश्य को आगे ले जाने का एक बड़ा अवसर प्रदान करता है।
आज नदियों पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। केवल हमारे देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी नदियों पर एक बड़ा खतरा पैदा हो गया है। हालांकि कुछ नदियों पर यह खतरा अभी नहीं दिखाई दे रहा लेकिन भविष्य में ऐसी नदियों पर इस खतरे का प्रभाव पड़ सकता है। भारत में नदियों का सामाजिक महत्व ही नहीं, धार्मिक महत्व भी है। हमारे यहां प्राचीन समय से ही धार्मिकता के आधार पर नदियों को विशेष महत्व दिया गया है।
हर नागरिक को सरकारी पॉलिसी के मकसद पर सवाल उठाने का संवैधानिक हक है। हाल ही में राज्यसभा में निजी सदस्य विधेयक के रूप में सांसद डा. अजीत गोपछडे ने नैशनल मैडिकल प्राइसिंग एंड रैगुलेशन कमीशन बिल, 2026 पेश किया।
‘रिंग -अ-रिंग-ओ-रोजेज, पॉकेट फुल ऑफ पोजेज’, बच्चों की इस तुकबंदी को याद कीजिए। लेकिन यह महज बालगीत नहीं रह गया है। हमारे ‘विकसित भारत’ में विरोध-प्रदर्शन का नया तौर-तरीका कुछ ऐसा बन गया है, प्रदर्शन करो, हिरासत में लिए जाओ, रिहा होओ और फिर प्रदर्शन करो। पिछले पखवाड़े मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और अब ‘सत्ता परिवर्तन’ की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी, कांग्रेस और उसके सहयोगियों तथा माकपा के छात्र संगठन ए.आई.एस.ए. की दिल्ली पुलिस के साथ लगातार झड़पों ने इस आवाजाही के चक्र को ल
समकालीन विश्व की राजनीति में एक चिंताजनक प्रवृत्ति तेजी से उभरती हुई दिखाई दे रही है, जो स्थापित लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बजाय संगठित अव्यवस्था, सड़कों पर टकराव और राजनीतिक उथल-पुथल के माध्यम से सरकार बदलने की बढ़ती प्रवृत्ति से संबंधित है। जब ‘शासन-परिवर्तन’ (रिजीम-चेंज) शब्द का इस्तेमाल लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित सरकारों को डराने-धमकाने, हिंसा या सार्वजनिक व्यवस्था को योजनाबद्ध ढंग से ध्वस्त करके सत्ता से हटाने के प्रयासों को उचित ठहराने के लिए किया जाता है, तब यह शब्द विशेष रूप से ङ्क्षचताज
केरलम् में बुजुर्गों की संख्या 67 लाख, 68 हजार है। यह वहां की कुल आबादी का लगभग 19 प्रतिशत बैठती है। बताते हैं कि फिलहाल केरलम् में बुजुर्गों की आबादी तेजी से बढ़ रही है। हर 5 में से 1 व्यक्ति बुजुर्ग यानी कि 60 साल से ऊपर है। 2036 तक इसके 10 प्रतिशत बढ़ जाने की सम्भावना है।
राजनीति में नए, तमिलनाडु के 3 महीने पुराने मुख्यमंत्री जोसेफ विजय और उनकी पार्टी, टी.वी.के. कांग्रेस के नेतृत्व वाले इंडिया विपक्षी गठबंधन में शामिल हो गए हैं, जिससे राज्य का राजनीतिक परिदृश्य बदल गया है। उनके पूर्ववर्ती इंडिया गठबंधन के एक प्रमुख सदस्य थे लेकिन एम.के. स्टालिन ने 2026 के विधानसभा चुनावों के बाद कदम वापस खींच लिए।
मेष राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक रहेगा। आज मेहनत का बेहतरीन परिणाम मिल सकता है। नए लोगों से
वृष राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार में पुराने मित्र से
मिथुन राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। आज युवाओं को नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। दफ्तर में
कर्क राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। ऑफिस में आपके विचारों को महत्व मिल सकता है।
सिंह राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। जीवनसाथी के
कन्या राशि वालों आज का दिन आपके लिए फेवरेबल रहेगा। प्रॉपर्टी के काम से क्षेत्र से जुड़े लोगों को कोई नया प्रोजेक्ट मिल
तुला राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। करियर में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। किसी नए काम
वृश्चिक राशि वालों आज का दिन आपके लिए अच्छा रहेगा। आर्थिक रूप से राहत बनी रहेगी। आज अचानक से किसी
धनु राशि वालों आज का दिन आपके लिए अनुकूल रहेगा। व्यापार के कामकाज में तेजी बनी रहेगी। आय के नए स्रोत
मकर राशि वालों आज का दिन आपके लिए शानदार रहेगा। व्यापार में वृद्धि होने के संकेत हैं। जीवनसाथी के सहयोग से रुके हुए
कुंभ राशि वालों आज का दिन आपके लिए ठीक-ठाक रहेगा। पहले से निवेश किया गया धन वापस मिल सकता है। नौकरीपेशा
मीन राशि वालों आज का दिन आपके लिए बेहतर रहेगा। दोस्तों के साथ किसी स्थान पर घूमने जा सकते हैं। बिज़नेस में
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28/10/2026 20:30 IST
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