Edited By jyoti choudhary,Updated: 07 Sep, 2026 02:29 PM

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 30 दिन की परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी को बैंकों से कमजोर प्रतिक्रिया मिली। बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी होने के बावजूद नीलामी में मिली बोलियां तय राशि से काफी कम रहीं। वीआरआरआर नीलामी एक
मुंबईः भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की 30 दिन की परिवर्तनीय दर रिवर्स रेपो (वीआरआरआर) नीलामी को बैंकों से कमजोर प्रतिक्रिया मिली। बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी होने के बावजूद नीलामी में मिली बोलियां तय राशि से काफी कम रहीं। वीआरआरआर नीलामी एक मौद्रिक नीति घटक है, जिसका इस्तेमाल केंद्रीय बैंक बैंकिंग प्रणाली से अतिरिक्त नकदी को बाहर निकालने के लिए करता है। आरबीआई को 30 दिन की वीआरआरआर नीलामी के लिए सात लाख करोड़ रुपए की तय राशि के मुकाबले 2,59,276 करोड़ रुपए की बोलियां मिलीं।
आरबीआई की अधिसूचना के अनुसार, इन बोलियों को 5.24 प्रतिशत की 'कट-ऑफ' दर और भारित औसत दर पर स्वीकार किया गया। अतिरिक्त नकदी को बाहर निकालने के लिए केंद्रीय बैंक ने सोमवार को पांच लाख करोड़ रुपए की तय राशि वाली एक दिन की वीआरआरआर नीलामी की भी घोषणा की। यह नीलामी सुबह 11 बजे से 11.30 बजे के बीच हुई। फिलहाल बैंकिंग प्रणाली में करीब 10.73 लाख करोड़ रुपए की अतिरिक्त नकदी होने का अनुमान है।
बैंकिंग प्रणाली में विशेष विदेशी मुद्रा अनिवासी (बैंक) जमा योजना के तहत बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आने के बाद आरबीआई ने नकदी को बाहर निकालने के उपाय तेज कर दिए हैं। आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, उसके विशेष विदेशी मुद्रा उपायों के तहत 31 अगस्त तक 136.38 अरब डॉलर जुटाए गए। केंद्रीय बैंक ने अगस्त से लेकर सितंबर में अब तक 32 वीआरआरआर नीलामियां की हैं। इनकी अवधि एक दिन से लेकर 14 दिन तक रही है।