Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Feb, 2026 11:59 AM

दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin एशियाई कारोबार के दौरान 65,000 डॉलर के अहम स्तर से नीचे फिसल गई। यह पिछले आठ महीनों का सबसे निचला स्तर है। CoinMarketCap के आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन करीब 4.8% टूटकर लगभग 64,300 डॉलर तक आ गया।
बिजनेस डेस्कः दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Bitcoin एशियाई कारोबार के दौरान 65,000 डॉलर के अहम स्तर से नीचे फिसल गई। यह पिछले आठ महीनों का सबसे निचला स्तर है। CoinMarketCap के आंकड़ों के मुताबिक, बिटकॉइन करीब 4.8% टूटकर लगभग 64,300 डॉलर तक आ गया।
टैरिफ तनाव का असर
बाजार में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा घोषित 15% वैश्विक टैरिफ के बाद बढ़ी अनिश्चितता के बीच देखने को मिली। इससे पहले US Supreme Court ने IEEPA के तहत लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को रद्द कर दिया था लेकिन कुछ ही घंटों में नए शुल्क लागू कर दिए गए, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ गई।
विश्लेषकों के अनुसार, टैरिफ के नए दौर ने निवेशकों को जोखिम भरी संपत्तियों से दूरी बनाने पर मजबूर किया है। निवेशक अब सोने जैसे सेफ हेवन की ओर झुक रहे हैं, जहां 2% से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई।
ETF आउटफ्लो से बढ़ा दबाव
मुद्रेक्स के क्वांट विश्लेषकों का कहना है कि क्रिप्टो ETF से लगातार निकासी भी बिकवाली को तेज कर रही है। जोखिम से बचाव की रणनीति के चलते बाजार में व्यापक गिरावट देखने को मिल रही है।
पूरा क्रिप्टो मार्केट दबाव में
केवल बिटकॉइन ही नहीं, दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी Ethereum भी 5% से अधिक फिसल गई। कुल क्रिप्टो मार्केट कैप घटकर करीब 2.23 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया।
अन्य प्रमुख टोकन जैसे XRP और बिनेंस कॉइन में भी 5% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। स्टेबलकॉइन टेथर लगभग 1 डॉलर के आसपास स्थिर बना रहा।