Edited By jyoti choudhary,Updated: 10 Apr, 2026 01:27 PM

अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। इसके बजाय, ईरान ने इस अहम तेल मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर नया टोल लगाने का फैसला किया है और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह भुगतान केवल...
बिजनेस डेस्कः अमेरिका और ईरान के बीच अस्थायी युद्धविराम के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। इसके बजाय, ईरान ने इस अहम तेल मार्ग से गुजरने वाले टैंकरों पर नया टोल लगाने का फैसला किया है और सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह भुगतान केवल Bitcoin में मांगा जा रहा है।
ईरान के इस कदम ने ग्लोबल मार्केट में हलचल मचा दी है। खबर सामने आते ही क्रिप्टो बाजार में तेजी देखने को मिली। Bitcoin करीब 72,200 डॉलर के आसपास पहुंच गया, जबकि Ethereum भी 2,200 डॉलर के करीब ट्रेड कर रहा है। इसके अलावा XRP, Solana और BNB जैसे प्रमुख कॉइन्स में भी तेजी देखी गई।
क्या है पूरा मामला?
ईरान अब होर्मुज से गुजरने वाले हर भरे टैंकर पर प्रति बैरल 1 डॉलर टोल वसूलना चाहता है। यह भुगतान केवल Bitcoin में लेने की योजना है, ताकि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से बचा जा सके और ट्रांजेक्शन ट्रैक न हो।
क्यों बढ़ा क्रिप्टो बाजार?
- भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने पर डिजिटल एसेट्स की मांग बढ़ती है
- Bitcoin को “डिजिटल गोल्ड” की तरह देखा जा रहा है
- अगर ऐसे भुगतान मॉडल बढ़ते हैं, तो क्रिप्टो की वास्तविक उपयोगिता भी बढ़ेगी
एनालिस्ट्स के अनुसार, Bitcoin जल्द 75,000 डॉलर तक जा सकता है। अगर तनाव जारी रहा तो यह 1 लाख डॉलर तक भी पहुंच सकता है। हालांकि, असली असर तभी दिखेगा जब ऑन-चेन ट्रांजेक्शन्स में वास्तविक बढ़ोतरी होगी
बड़ा संकेत क्या है?
यह कदम सिर्फ टोल वसूली नहीं, बल्कि पारंपरिक फाइनेंशियल सिस्टम को चुनौती देने की कोशिश भी माना जा रहा है। अगर दूसरे देश भी इस मॉडल को अपनाते हैं, तो वैश्विक भुगतान व्यवस्था में बड़ा बदलाव आ सकता है।