Edited By jyoti choudhary,Updated: 21 Oct, 2026 03:33 PM

भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। दिन के ऊपरी स्तरों से सेंसेक्स करीब 1,200 अंक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। बैंकिंग और ऑटो शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बढ़ा। मिडकैप और...
मुंबईः भारतीय शेयर बाजार में आज कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। दिन के ऊपरी स्तरों से सेंसेक्स करीब 1,200 अंक नीचे आ गया, जबकि निफ्टी 50 भी 22,700 के स्तर से नीचे फिसल गया। बैंकिंग और ऑटो शेयरों में बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव बढ़ा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी कमजोरी रही।
सेंसेक्स 143.21अंक यानी 0.19% गिरकर 73,709.69 पर आ गया। वहीं, निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34% की गिरावट रही और यह 22,811.35 के स्तर पर बंद हुआ।
बाजार में गिरावट के कारण
1. ऊपरी स्तरों पर मुनाफावसूली
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह ऊंचे स्तरों पर निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली रही। ऑटो और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 1% से अधिक गिरा। Sona BLW, TVS Motor और Eicher Motors के शेयरों में 2% से 3% तक की कमजोरी रही। खराब नतीजों के चलते Gallantt Ispat करीब 7% और ABB India 5% तक गिर गया। हालांकि, इंफोसिस और TCS की मजबूती से निफ्टी IT इंडेक्स 2.39% चढ़ा।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य में सैन्य गतिविधियों के कारण ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में महंगा कच्चा तेल महंगाई, आयात बिल और कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बढ़ा सकता है।
3. निफ्टी के लिए तकनीकी बाधा
विश्लेषकों के मुताबिक, निफ्टी के लिए 23,100-23,175 का स्तर मजबूत रेजिस्टेंस बना हुआ है। वहीं, 22,750-22,800 का सपोर्ट टूटने के बाद अब 22,500-22,600 का दायरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है।