Edited By jyoti choudhary,Updated: 31 Mar, 2026 12:01 PM

भारत में सोने के आयात को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक, सोने को प्लैटिनम ज्वेलरी के रूप में दिखाकर ड्यूटी-फ्री (बिना शुल्क) आयात किया जा रहा है, जिससे सरकार को भारी नुकसान हो रहा है।
बिजनेस डेस्कः भारत में सोने के आयात को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। प्लैटिनम ज्वेलरी के नाम पर देश में बड़ा खेल चल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोने को प्लैटिनम के रूप में दिखाकर ड्यूटी-फ्री (बिना शुल्क) आयात किया जा रहा है। इस तरीके से न सिर्फ सरकार को भारी नुकसान नुकसान हो रहा है, बल्कि बाजार में भी इसका असर साफ नजर आने लगा है।
सूत्रों के अनुसार, यह आयात थाईलैंड के साथ हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का फायदा उठाकर किया जा रहा है, जहां प्लैटिनम ज्वेलरी पर शून्य शुल्क लगता है। कानूनी खामी (loophole) का इस्तेमाल कर सोने को प्लैटिनम ज्वेलरी के रूप में भारत लाया जा रहा है।
कैसे हो रहा है खेल?
बताया गया है कि इस ज्वेलरी में करीब 90% सोना, 4% प्लैटिनम और 6% तांबा या चांदी होती है। इस तकनीकी संरचना का फायदा उठाकर इसे प्लैटिनम ज्वेलरी के रूप में घोषित किया जाता है और ड्यूटी से बचा लिया जाता है।
सरकार को करोड़ों का नुकसान
अब तक करीब 5 टन ऐसी ज्वेलरी भारत पहुंच चुकी है, जिससे सरकार को लगभग 450 करोड़ रुपए के राजस्व का नुकसान हुआ है।
पहले भी सामने आ चुका है मामला
यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का तरीका अपनाया गया है। पहले भी सोने को अलग-अलग रूप में दिखाकर आयात किया गया था, जिसे बाद में सरकार ने रोक दिया था लेकिन अब नए तरीके से यह कानूनी खामी फिर इस्तेमाल की जा रही है।
बाजार पर असर
मुंबई के स्पॉट मार्केट में सोना लगभग 2,000 रुपए प्रति 10 ग्राम तक सस्ता बिक रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव और पश्चिम एशिया के तनाव के चलते मांग कमजोर बनी हुई है।
व्यापारियों की चिंता बढ़ी
ईमानदार कारोबारियों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां उनके व्यापार को नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने सरकार से इस कानूनी खामी को जल्द बंद करने की मांग की है।
आर्थिक संकेत भी चिंताजनक
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आयात से चालू खाता घाटा (CAD) और रुपये पर भी दबाव बढ़ सकता है, जो पहले से ही कमजोर स्तर पर चल रहा है।