Edited By jyoti choudhary,Updated: 01 Oct, 2023 06:41 PM

इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के निकाय ईएलसीआईएनए ने सरकार से आयात की प्रमुखता वाले गैर-सेमीकंडक्टर या कंप्यूटर चिप्स क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाने का अनुरोध किया है। संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। भारतीय...
नई दिल्लीः इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग के निकाय ईएलसीआईएनए ने सरकार से आयात की प्रमुखता वाले गैर-सेमीकंडक्टर या कंप्यूटर चिप्स क्षेत्र के लिए उत्पादन से जुड़े प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना लाने का अनुरोध किया है। संगठन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी। भारतीय इलेक्ट्रॉनिक उद्योग संघ (ईएलसीआईएनए) के अनुसार, देश में कुल इलेक्ट्रॉनिक घटक बाजार लगभग 39 अरब डॉलर होने का अनुमान लगाया गया है, जिसमें से 68 प्रतिशत जरूरत 2021-22 में आयात के माध्यम से पूरी की गई थी।
संगठन के नए अध्यक्ष अतुल बी लाल ने 48वें ईएलसीआईएनए पुरस्कार समारोह में कहा कि उपकरणों के लिए सरकार की योजना बेहद सफल रही है और सेमीकंडक्टर क्षेत्र के लिए प्रोत्साहन योजना में काफी तेजी देखी जा रही है और कुछ निवेश आना भी शुरू हो गया है। डिक्सन टेक्नोलॉजीज के वाइस चेयरमैन और प्रबंध निदेशक लाल ने कहा, “हमारा विनम्र अनुरोध है कि गैर-सेमीकंडक्टर घटक क्षेत्र के लिए भी ऐसा ही किया जाए। इसके लिए हम सरकार से हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं।”
ईएलसीआईएनए देश की सबसे पुरानी इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की संस्था है। इसे 1967 में स्थापित किया गया था। ईएलसीआईएनए के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रॉनिक घटकों की सबसे ज्यादा मांग (85 प्रतिशत) मोबाइल फोन, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और औद्योगिक इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में हैं। इसके बाद कंप्यूटर हार्डवेयर आता है।