एक दिन में 10,000 रुपए टूटी चांदी, HSBC की रिपोर्ट ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता, आगे क्या?

Edited By Updated: 08 Jan, 2026 04:10 PM

silver prices plunge 10 000 in a day hsbc report raises investor concerns

गुरुवार को सफेद धातु चांदी में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। आमतौर पर सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली चांदी की कीमत एक ही दिन में करीब 10,000 रुपए तक टूट गई। MCX पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाला चांदी कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को 2,50,605 रुपए प्रति किलो पर बंद...

बिजनेस डेस्कः गुरुवार को सफेद धातु चांदी में जोरदार बिकवाली देखने को मिली। आमतौर पर सुरक्षित निवेश मानी जाने वाली चांदी की कीमत एक ही दिन में करीब 10,000 रुपए तक टूट गई। MCX पर मार्च 2026 एक्सपायरी वाला चांदी कॉन्ट्रैक्ट बुधवार को 2,50,605 रुपए प्रति किलो पर बंद हुआ था लेकिन गुरुवार को कारोबार शुरू होते ही भारी दबाव में आ गया। इंट्रा-डे में चांदी 2,40,605 रुपए प्रति किलो तक फिसल गई। दोपहर के कारोबार में यह 2,43,911 रुपए पर ट्रेड कर रही थी, जो पिछले बंद भाव से करीब 2.7 फीसदी नीचे है।

इस तेज गिरावट ने दिसंबर 2025 की उस रिकॉर्ड तेजी की याद दिला दी है, जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में चांदी 83.60 डॉलर प्रति औंस के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। उस समय सप्लाई की कमी और मजबूत मांग ने कीमतों को सहारा दिया था लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं।

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निवेशकों की बढ़ी चिंता 

HSBC की ताजा रिपोर्ट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। बैंक का कहना है कि चांदी की हालिया तेजी थकती नजर आ रही है और कीमतें अत्यधिक उतार-चढ़ाव वाले स्तर पर पहुंच चुकी हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, जहां सोना अब भी सुरक्षित निवेश बना हुआ है, वहीं चांदी की इंडस्ट्रियल और ज्वेलरी डिमांड पर दबाव बढ़ रहा है।

HSBC ने 2026 के लिए चांदी की औसत कीमत का अनुमान बढ़ाकर 68.25 डॉलर प्रति औंस किया है लेकिन 2027 में कीमतों के गिरकर करीब 57 डॉलर प्रति औंस तक आने की आशंका जताई है। बैंक का अनुमान है कि 2029 तक चांदी 47 डॉलर प्रति औंस के आसपास रह सकती है।

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चांदी में बना रहेगा उतार-चढ़ाव 

सप्लाई की बात करें तो खनन उत्पादन, रीसाइक्लिंग और अन्य धातुओं से मिलने वाली चांदी की उपलब्धता बढ़ रही है। 2025 में जहां चांदी की कमी 230 मिलियन औंस थी, वहीं 2026 में इसके घटकर 140 मिलियन और 2027 में सिर्फ 59 मिलियन औंस रहने का अनुमान है। इससे लंबी अवधि में कीमतों पर दबाव बन सकता है।

कुल मिलाकर, विशेषज्ञों का मानना है कि निकट भविष्य में चांदी में उतार-चढ़ाव बना रहेगा। निवेशकों को जल्दबाजी से बचते हुए बाजार के संकेतों को समझकर ही निवेश का फैसला लेना चाहिए।
  

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