टमाटर-प्याज की बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान, दीवाली के बाद सस्ता हो सकता है टमाटर

Edited By Updated: 20 Oct, 2021 01:55 PM

inflation hits the festival there may be relief in tomato prices after diwali

टमाटर-प्याज की बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। आने वाले त्योहारी सीजन में प्याज और टमाटर जैसी मुख्य सब्जियों की कीमतें ऊंची रहने की उम्मीद है। टमाटर लगातार बढ़कर 100 रुपए किलो की ओर अग्रसर हैं। टमाटर महंगा होने की वजह बीते दिनों

बिजनेस डेस्कः टमाटर-प्याज की बढ़ती कीमतों से आम जनता परेशान है। आने वाले त्योहारी सीजन में प्याज और टमाटर जैसी मुख्य सब्जियों की कीमतें ऊंची रहने की उम्मीद है। टमाटर लगातार बढ़कर 100 रुपए किलो की ओर अग्रसर हैं। टमाटर महंगा होने की वजह बीते दिनों में उत्पादक इलाकों में बारिश से इसकी फसल खराब होना है। कारोबारियों का कहना है कि दीवाली तक टमाटर की महंगाई से राहत मिलने की संभावना कम ही है। हालांकि दीवाली के बाद टमाटर के दाम गिरकर सामान्य होने की उम्मीद है। 

किसानों को भी हो रही परेशानी
महंगे टमाटर से उपभोक्ता तो परेशान हैं ही, किसान भी मुश्किल में हैं। बड़ी मात्रा में फसल खराब होने से कीमतें ज्यादा होने के बावजूद उन्हें घाटा हो रहा है। दिल्ली की मंडियों में टमाटर 35 से 55 रुपए, महाराष्ट्र की मंडियों में 15 से 60 रुपए, मध्य प्रदेश की मंडियों में 16 से 48 रुपए, राजस्थान की मंडियों में 15 से 40 रुपए किलो बिक रहा है। देश भर के खुदरा बाजारों में टमाटर 50 से 80 रुपए किलो बिक रहा है।  

भारतीय सब्जी उत्पादक संघ के अध्यक्ष श्रीराम गाढवे कहते हैं कि बीते एक-डेढ़ माह के दौरान महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, राजस्थान आदि राज्यों के टमाटर उत्पादक इलाकों में बारिश से टमाटर की फसल खराब हुई है। महाराष्ट्र व कर्नाटक में 70 से 80 फीसदी फसल खराब हो चुकी है और जो बची उसकी भी गुणवत्ता खराब है। फसल खराब होने से देशभर में टमाटर के दाम भले ही ज्यादा बढ़े हों लेकिन किसानों को टमाटर के दाम 25-30 रुपए किलो मिल रहे हैं, जबकि उपभोक्ताओं को 50 से 80 रुपए किलो चुकाने पड़ रहे हैं। 70 से 80 फीसदी फसल खराब होने से किसानों को 25-30 रुपए किलो दाम मिलने पर भी कुल फसल की लागत के मुकाबले नुकसान ही उठाना पड़ रहा है।

महंगे डीजल का असर
पिछले माह मंडी में 15 से 20 रुपए किलो बिकने वाला टमाटर इन दिनों 30 से 50 रुपए किलो बिक रहा है। फसल को नुकसान के साथ ही डीजल की बढ़ती कीमतों ने भी टमाटर महंगा किया है। क्योंकि दिल्ली में टमाटर की आपूर्ति महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे दूर के राज्यों से होती है और भाड़ा 10 से 15 फीसदी बढ़ चुका है। इन दिनों मंडी में 25 से 30 गाड़ी टमाटर आ रहा है, जबकि मांग की पूर्ति के लिए 40 से अधिक गाड़ियों की जरूरत है। 
 

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