Moody's-IMF ने बढ़ाया भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान, आय और बीमा दोनों को फायदा

Edited By Updated: 19 Jan, 2026 04:42 PM

moody s and the imf have raised their gdp growth forecast for india

भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर ग्लोबल एजेंसियों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिख रहा है। रेटिंग एजेंसी मूडीज और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) दोनों ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ 7.3% रहने का अनुमान जताया है। एजेंसियों का कहना है कि...

बिजनेस डेस्कः भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर ग्लोबल एजेंसियों का भरोसा लगातार मजबूत होता दिख रहा है। रेटिंग एजेंसी मूडीज और इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) दोनों ने चालू वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की GDP ग्रोथ 7.3% रहने का अनुमान जताया है। एजेंसियों का कहना है कि मजबूत आर्थिक विस्तार से औसत घरेलू आय को सहारा मिलेगा और इसका सीधा फायदा इंश्योरेंस सेक्टर को होगा।

मूडीज ने भारत के इंश्योरेंस सेक्टर पर जारी रिपोर्ट में कहा है कि तेज आर्थिक वृद्धि, बढ़ता डिजिटलीकरण, टैक्स से जुड़े बदलाव और सरकारी बीमा कंपनियों में प्रस्तावित सुधारों के चलते बीमा प्रीमियम में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। इससे सेक्टर की मौजूदा कमजोर लाभप्रदता में सुधार आने की उम्मीद है।

मूडीज के मुताबिक, FY25-26 में भारत की GDP ग्रोथ 7.3% रह सकती है, जो पिछले वित्त वर्ष की 6.5% ग्रोथ से ज्यादा है। इससे आम लोगों की आय बढ़ेगी और इंश्योरेंस की मांग मजबूत होगी। FY24-25 में प्रति व्यक्ति GDP सालाना आधार पर 8.2% बढ़कर 11,176 डॉलर रही थी।

बीमा प्रीमियम में तेज उछाल

रेटिंग एजेंसी के अनुसार, FY25-26 के पहले आठ महीनों (अप्रैल–नवंबर) में कुल इंश्योरेंस प्रीमियम आय 17% बढ़कर 10.9 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। इस दौरान हेल्थ इंश्योरेंस प्रीमियम में 14% और लाइफ इंश्योरेंस के नए कारोबार के प्रीमियम में 20% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह वृद्धि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कहीं तेज है, जब कुल प्रीमियम में सिर्फ 7% की बढ़ोतरी हुई थी।

मूडीज का कहना है कि यह ट्रेंड भारतीय उपभोक्ताओं में बढ़ती जोखिम जागरूकता और तेजी से हो रहे डिजिटलीकरण को भी दर्शाता है, जिससे बीमा उत्पादों की पहुंच आसान हुई है। यह बीमा नियामक के “2047 तक सभी के लिए बीमा” के लक्ष्य के अनुरूप है।

सरकारी बीमा कंपनियों में सुधार की तैयारी

मूडीज ने कहा कि सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की बीमा कंपनियों की लाभप्रदता सुधारने पर जोर दे रही है। LIC में आंशिक हिस्सेदारी की बिक्री, चुनिंदा सरकारी बीमा कंपनियों को पूंजी उपलब्ध कराना, अंडरराइटिंग सुधार की शर्तें, विलय या निजीकरण जैसे विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, बीमा सेक्टर में FDI सीमा को 74% से बढ़ाकर 100% करने से कंपनियों को अतिरिक्त वित्तीय मजबूती मिलेगी।

IMF का भी भरोसा लेकिन चेतावनी के साथ

IMF ने भी FY25-26 के लिए भारत की GDP ग्रोथ का अनुमान बढ़ाकर 7.3% कर दिया है। IMF के अनुसार, बेहतर Q3 नतीजों और Q4 में मजबूत आर्थिक रफ्तार को देखते हुए यह संशोधन किया गया है। हालांकि, IMF ने यह भी अनुमान लगाया है कि FY27 और FY28 में भारत की ग्रोथ घटकर 6.4% रह सकती है, क्योंकि अस्थायी और साइक्लिकल फैक्टर्स का असर कम होगा।

IMF ने महंगाई को लेकर राहत की बात कही है और कहा है कि 2025 में खाने की कीमतों में नरमी से महंगाई टारगेट लेवल के करीब आ सकती है। वहीं, ग्लोबल इकोनॉमी के लिए IMF ने 2025-26 में 3.3% ग्रोथ का अनुमान जताया है, लेकिन साथ ही चेतावनी दी है कि AI को लेकर जरूरत से ज्यादा उम्मीदें, बढ़ते ट्रेड विवाद और जियोपॉलिटिकल टेंशन एक बड़े मार्केट क्रैश का कारण बन सकते हैं।
 

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