Edited By jyoti choudhary,Updated: 15 Oct, 2026 02:44 PM

दैनिक उपभोग का घरेलू सामान बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 36.32 प्रतिशत बढ़कर 1,026.77 करोड़ रुपए हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-
नई दिल्लीः दैनिक उपभोग का घरेलू सामान बनाने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया का वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में एकीकृत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 36.32 प्रतिशत बढ़कर 1,026.77 करोड़ रुपए हो गया। इससे पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी (जुलाई-सितंबर) तिमाही में कंपनी का एकीकृत शुद्ध लाभ 743.17 करोड़ रुपए था। नेस्ले इंडिया ने बृहस्पतिवार को शेयर बाजार को दी सूचना में बताया कि उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय जुलाई-सितंबर तिमाही में 20.45 प्रतिशत बढ़कर 6,782.17 करोड़ रुपए हो गई। एक साल पहले की इसी अवधि में यह 5,630.23 करोड़ रुपए थी।
कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक मनीष तिवारी ने कहा, ''इस तिमाही में सभी उत्पाद समूहों में मजबूत एवं व्यापक वृद्धि जारी रही। कुल बिक्री 20.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 6,782.2 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। इसमें बिक्री की मात्रा में दोहरे अंक की मजबूत वृद्धि का योगदान रहा।'' उन्होंने कहा कि कंपनी ने अपने ब्रांड पर निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी के साथ परिचालन दक्षता बढ़ाने पर भी ध्यान दिया। विज्ञापन और विपणन पर खर्च 46 प्रतिशत बढ़ा। उन्होंने कहा, ''कर पूर्व आय (ईबीआईटीडीए) का मार्जिन 23.8 प्रतिशत के स्तर पर रहा।''
समीक्षाधीन तिमाही में नेस्ले इंडिया का कुल खर्च 17 प्रतिशत बढ़कर 5,405.55 करोड़ रुपए हो गया। वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में कंपनी की घरेलू बिक्री 20.4 प्रतिशत बढ़कर 6,514.74 करोड़ रुपए हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह 5,411.02 करोड़ रुपए थी। नेस्ले इंडिया की निर्यात आय 22 प्रतिशत बढ़कर 267.43 करोड़ रुपए हो गई।
समीक्षाधीन तिमाही में कंपनी की कुल आय 20.52 प्रतिशत बढ़कर 6,808.6 करोड़ रुपए रही, जबकि एक साल पहले की इसी अवधि में यह 5,649.15 करोड़ रुपए थी। तिवारी ने कहा, ''ई-कॉमर्स में भी मजबूत वृद्धि जारी रही। इसकी मुख्य वजह ग्राहकों की लगातार बनी रुचि, व्यापक उत्पाद और हर बिक्री माध्यम के हिसाब से बनाई गई रणनीति का प्रभावी क्रियान्वयन है। पारंपरिक खुदरा कारोबार में विभिन्न आकार के शहरों और कस्बों में दोहरे अंकों की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। इसमें ग्रामीण बाजारों की तेज वृद्धि का प्रमुख योगदान रहा।'' उन्होंने हालांकि ''बढ़ती महंगाई, खासकर खाद्य महंगाई'' को लेकर चिंता भी जताई। उन्होंने कहा कि यह ''हकीकत'' है।
उन्होंने कहा, ''हम लगातार नवाचार एवं उत्पादों में सुधार, अपने ब्रांड में निरंतर निवेश तथा उत्पादकता और परिचालन दक्षता बढ़ाने पर अधिक जोर देकर इन बाहरी चुनौतियों से निपटने पर ध्यान दे रहे हैं। इससे जिंस की बढ़ती लागत के दबाव को कम करने में मदद मिलेगी।'' नेस्ले इंडिया के अनुसार, कॉफी और गेहूं की कीमतें सीमित दायरे में रहने की उम्मीद है, जबकि तीसरी तिमाही में चीनी और खाद्य तेलों की कीमतें ऊंचे स्तर पर स्थिर हो गई हैं। कंपनी ने जिंस कीमतों के परिदृश्य पर कहा, ''प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में मौसम के कारण फसल को लेकर चिंताओं से कोको की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। दूध की कीमतों में मौसमी कारणों से मजबूती आई है लेकिन दूध की अधिक आपूर्ति शुरू होने पर इनके नरम पड़ने की उम्मीद है।''