Edited By Anu Malhotra,Updated: 19 Mar, 2026 09:18 AM

PNB Bank Account Close: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद जरूरी चेतावनी सामने आई है। अगर आपका भी पीएनबी में खाता है और आप लंबे समय से उसे भूल चुके हैं, तो सावधान हो जाइए। बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 अप्रैल 2026 के बाद कई...
PNB Bank Account Close: पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के करोड़ों ग्राहकों के लिए एक बेहद जरूरी चेतावनी सामने आई है। अगर आपका भी पीएनबी में खाता है और आप लंबे समय से उसे भूल चुके हैं, तो सावधान हो जाइए। बैंक ने स्पष्ट कर दिया है कि 15 अप्रैल 2026 के बाद कई बचत और चालू खाते हमेशा के लिए बंद किए जा सकते हैं।
किन खातों पर गिरेगी गाज?
बैंक की इस कार्रवाई की जद में हर कोई नहीं आएगा। पीएनबी ने इसके लिए तीन खास शर्तें तय की हैं। आपका खाता तभी बंद होगा जब:
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पिछले 3 सालों से खाते में कोई लेनदेन (कस्टमर इंड्यूस्ड ट्रांजैक्शन) न हुआ हो।
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खाते में वर्तमान में जीरो (0) बैलेंस हो।
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खाते से जुड़ा कोई भी जरूरी बैंकिंग कार्य लंबे समय से अधूरा पड़ा हो।
15 अप्रैल के बाद क्या होगा?
बैंक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' (पूर्व में ट्विटर) और आधिकारिक नोटिस के जरिए जानकारी दी है कि जो ग्राहक 15 अप्रैल 2026 तक अपने खाते को सक्रिय नहीं करेंगे, उन्हें 16 अप्रैल से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समयसीमा के खत्म होने के बाद बैंक बिना किसी अगले नोटिस या अलर्ट के खाते को बंद कर सकता है।
खाता बंद होने से कैसे बचाएं?
अगर आप चाहते हैं कि आपका पुराना बैंक अकाउंट चालू रहे, तो आपके पास अभी भी वक्त है। इसे बचाने के दो मुख्य तरीके हैं:
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KYC अपडेट कराएं: अपनी नजदीकी पीएनबी शाखा (Branch) में जाएं और वहां अपना 'नो योर कस्टमर' (KYC) फॉर्म भरें। इसके लिए आपको आधार कार्ड, पैन कार्ड और अपनी नवीनतम फोटो जैसे दस्तावेज देने होंगे।
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लेनदेन शुरू करें: आप अपने खाते में कुछ पैसे जमा करके या निकालकर उसे दोबारा सक्रिय कर सकते हैं। एक छोटा सा वित्तीय लेनदेन भी आपके खाते को 'निष्क्रिय' की श्रेणी से बाहर निकाल सकता है।
आखिर बैंक क्यों उठा रहा है यह कदम?
पंजाब नेशनल बैंक ने इस फैसले के पीछे सुरक्षा कारणों का हवाला दिया है। बैंक के मुताबिक, जो खाते लंबे समय तक बिना किसी बैलेंस और ट्रांजैक्शन के पड़े रहते हैं, उनके धोखाधड़ी (Fraud) के लिए इस्तेमाल होने का खतरा बढ़ जाता है। साइबर अपराधी अक्सर ऐसे 'लावारिस' खातों को निशाना बनाते हैं। इसके अलावा, बैंकिंग नियमों के तहत समय-समय पर डेटा अपडेट करना अनिवार्य है, ताकि बैंक के पास सक्रिय ग्राहकों का सही रिकॉर्ड बना रहे।