Policybazaar की पैरेंट कंपनी PB Fintech का शेयर 36% टूटा, 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंचा स्टॉक, जानें वजह?

Edited By Updated: 24 Sep, 2026 06:23 PM

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पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी PB Fintech के शेयर में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान स्टॉक करीब 36 फीसदी टूटकर 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। शेयर में लगातार लोअर सर्किट लगने से निवेशकों के

नई दिल्ली: पॉलिसीबाजार (Policybazaar) की पैरेंट कंपनी PB Fintech के शेयर में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के दौरान स्टॉक करीब 36 फीसदी टूटकर 18 महीने के निचले स्तर पर पहुंच गया। शेयर में लगातार लोअर सर्किट लगने से निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई।

NSE पर PB Fintech का शेयर 1,207.20 रुपए पर बंद हुआ, जो पिछले कारोबारी सत्र के 1,886.30 रुपए के मुकाबले करीब 36 फीसदी की गिरावट है। इससे पहले शेयर तीन कारोबारी सत्रों में 8 फीसदी से ज्यादा चढ़ा था।

क्यों आई शेयर में इतनी बड़ी गिरावट

PB Fintech के शेयरों में यह गिरावट भारतीय बीमा नियामक IRDAI की ओर से बीमा वितरण के कमीशन और खर्च से जुड़े नियमों में व्यापक बदलाव के प्रस्ताव के बाद आई है। प्रस्तावित बदलावों में बीमा डिस्ट्रीब्यूटर्स के कमीशन स्ट्रक्चर पर सीमा लगाने की बात कही गई है। बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, हेल्थ इंश्योरेंस में कमीशन को 15-20 फीसदी और टर्म लाइफ इंश्योरेंस में इसे 25 फीसदी तक सीमित करने का प्रस्ताव PB Fintech के कारोबार की कमाई पर असर डाल सकता है।

ब्रोकरेज ने भी जताई चिंता

Emkay Global के मुताबिक, PB Fintech के बिजनेस मॉडल पर हेल्थ इंश्योरेंस की रिन्यूअल और पोर्टिंग कमीशन, टर्म लाइफ इंश्योरेंस के पहले साल के कमीशन और मोटर इंश्योरेंस के Own Damage तथा Third Party कमीशन में प्रस्तावित कटौती का असर पड़ सकता है।

वहीं, Bernstein ने कहा कि प्रस्तावित कमीशन कटौती बाजार की उम्मीदों से कहीं ज्यादा है और इसका असर PB Fintech पर अन्य कंपनियों की तुलना में अधिक पड़ सकता है। ब्रोकरेज के अनुसार, प्रस्तावित टेक-रेट कैप खासतौर पर हेल्थ और मोटर इंश्योरेंस में PB Fintech की यूनिट इकनॉमिक्स पर दबाव डाल सकते हैं।

क्या अभी करनी चाहिए खरीदारी?

विश्लेषकों की राय में फिलहाल शेयर में तेज उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता बनी हुई है। तकनीकी स्तर पर भी स्टॉक कमजोर स्थिति में है। वहीं, IRDAI का प्रस्ताव अभी अंतिम नियम नहीं है और इस पर सुझाव आने बाकी हैं।

इसलिए बाजार की नजर अब IRDAI के अंतिम फैसले, PB Fintech के मैनेजमेंट की प्रतिक्रिया और कंपनी द्वारा अपनी डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति में संभावित बदलाव पर रहेगी।

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