MobiKwik के डेटा लीक पर RBI सख्त, जांच के दिए आदेश

Edited By Updated: 02 Apr, 2021 12:53 PM

rbi strict on mobikwik s data leak order ordered for investigation

हाल ही में हैकर्स ने डिजिटल पेमेंट कंपनी मोबिक्विक (Mobikwik) के 9.9 करोड़ भारतीय ग्राहकों का डेटा लीक करने का दावा किया है। हैकर्स की तरफ से जारी डेटा में ग्राहकों के मोबाइल नंबर, क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, केवाईसी विवरण से लेकर ईमेल तक...

बिजनेस डेस्कः हाल ही में हैकर्स ने डिजिटल पेमेंट कंपनी मोबिक्विक (Mobikwik) के 9.9 करोड़ भारतीय ग्राहकों का डेटा लीक करने का दावा किया है। हैकर्स की तरफ से जारी डेटा में ग्राहकों के मोबाइल नंबर, क्रेडिट कार्ड नंबर, बैंक अकाउंट नंबर, केवाईसी विवरण से लेकर ईमेल तक शामिल हैं। अब आरबीआई (RBI) ने मोबिक्विक को आरोपों की फॉरेंसिक ऑडिट कराने का आदेश दिया है। इसके साथ ही आरबीआई ने कंपनी को चेतावनी भी दी है कि अगर कोई गलती पाई जाती है तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। केंद्रीय बैंक के पास ऐसे मामले में किसी पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर पर कम से कम 5 लाख रुपए का जुर्माना लगाने की शक्ति है।

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कंपनी का दावा, मोबिक्विक के डाटाबेस में नहीं हुई हैकिंग
हैकर समूह जॉर्डनेवन ने मोबिक्विक के फाउंडर बिपिन प्रीत सिंह और मोबिक्विक की सीईओ उपासना टाकू का ब्योरा भी डाटाबेस से शेयर किया है। हालांकि, मोबिक्विक ने हैकर्स के दावे को गलत बताया है। कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि हम डेटा सिक्‍योरिटी को काफी गंभीरता से लेते हैं और मान्य डाटा सुरक्षा कानूनों का पूरी तरह पालन करते हैं। वहीं, हैकर समूह ने मोबिक्विक क्यूआर कोड की कई तस्वीरों के साथ KYC के लिए इस्तेमाल होने वाले दस्तावेज भी अपलोड किए हैं। मोबिक्विक ने कहा है कि वह इस बारे में संबंधित अधिकारियों के साथ काम कर रही है।

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गौरतलब है कि मोबिक्विक ऐप से हर दिन 10 लाख से भी ज्‍यादा लेनदेन किए जाते हैं। मौजूदा समय में इस ऐप से 30 लाख से भी ज्‍यादा कारोबारी जुड़े हुए हैं। वहीं, इसके ग्राहकों की संख्या 12 करोड़ से ज्‍यादा है।

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