मीडिल ईस्ट संकट के बीच IOCL, BPCL और HPCL का बड़ा फैसला, पेट्रोल पंपों को जारी किए आदेश

Edited By Updated: 17 Mar, 2026 04:06 PM

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ईरान से जुड़े बढ़ते तनाव और वैश्विक सप्लाई संकट के बीच देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों IOCL, BPCL और HPCL ने पेट्रोल पंपों को उधार (क्रेडिट) पर ईंधन देना फिलहाल बंद कर दिया है। अब कंपनियों ने साफ संदेश दिया है “पहले भुगतान, फिर फ्यूल”।

बिजनेस डेस्कः मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की सप्लाई पर मंडराते संकट के बीच देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों—IOCL, BPCL और HPCL—ने बड़ा फैसला लिया है। कंपनियों ने पेट्रोल पंपों के लिए नए निर्देश जारी करते हुए उधार पर ईंधन सप्लाई को रोक दिया है और अब एडवांस पेमेंट को अनिवार्य बना दिया है।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

जानकारी के मुताबिक, Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसका असर भारत जैसे बड़े आयातक देश पर भी पड़ा है। बताया जा रहा है कि भारत की करीब 40% क्रूड सप्लाई पर असर पड़ा है। इसी जोखिम को देखते हुए तेल कंपनियों ने पेट्रोल पंपों को मिलने वाली क्रेडिट सुविधा पर रोक लगा दी है।

क्या बदला है अब?

  • HPCL और BPCL ने पिछले हफ्ते से ही एडवांस पेमेंट की मांग शुरू कर दी थी
  • IOCL ने अपनी 5 दिन की क्रेडिट सुविधा पूरी तरह बंद कर दी
  • “डिलीवरी के बाद भुगतान” और “रिवॉल्विंग क्रेडिट” दोनों मॉडल फिलहाल रोक दिए गए

हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक डीलर फाइनेंस (EDF) सुविधा अभी जारी है, जिसमें बैंक की गारंटी पर सप्लाई मिलती है।

किन पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर?

  • देश के करीब 1 लाख पेट्रोल पंप प्रभावित
  • कृषि, ट्रांसपोर्ट और इंडस्ट्री सेक्टर को झटका
  • पेट्रोल पंप डीलर्स पर नकदी का दबाव बढ़ेगा

पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में, जहां बड़े खरीदार उधार पर ईंधन लेते हैं, वहां बिक्री में गिरावट की आशंका जताई जा रही है।

डीलर्स क्या कह रहे हैं?

डीलर्स के अनुसार, पहले कंपनियां 3–5 दिन का क्रेडिट देती थीं, जिससे वे बड़े ग्राहकों को भी उधार पर फ्यूल दे पाते थे। अब अचानक बदलाव से कारोबार पर असर पड़ सकता है। दिल्ली और अन्य शहरों में पेट्रोल पंप पहले से ही इस फैसले की आशंका जता रहे थे। कुछ जगहों पर निजी कंपनियों ने ऑपरेशन भी सीमित कर दिए हैं।

सरकार का क्या कहना है?

सरकार का कहना है कि देश में कच्चे तेल और ईंधन की पर्याप्त सप्लाई मौजूद है और घबराने की जरूरत नहीं है।

आम लोगों पर असर

  • पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है
  • ट्रांसपोर्ट महंगा होने से महंगाई बढ़ने का खतरा
  • रोजमर्रा की चीजें महंगी हो सकती हैं
     

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