Edited By jyoti choudhary,Updated: 05 Jan, 2026 03:16 PM

भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों में गहराई लाने और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच इजराइल में उपस्थित एकमात्र भारतीय ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रुपए में द्विपक्षीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने की कोशिश कर रहा है।...
नई दिल्लीः भारत और इजराइल के बीच रणनीतिक संबंधों में गहराई लाने और मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को लेकर जारी चर्चाओं के बीच इजराइल में उपस्थित एकमात्र भारतीय ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) रुपए में द्विपक्षीय व्यापार को सुविधाजनक बनाने की कोशिश कर रहा है। एसबीआई इजराइल के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) वी. मणिवन्नन ने कहा, ‘‘भारत के सहयोगी देशों से होने वाले महत्वपूर्ण व्यापार एवं वैश्विक व्यापार समुदाय में भारतीय रुपए में व्यापार करने की बढ़ती रुचि को देखते हुए, हमारे बैंकिंग नियामक यानी भारतीय रिजर्व बैंक ने भारतीय बैंकों को अपने कॉर्पोरेट ग्राहकों के निर्यात एवं आयात का निपटान भारतीय रुपए में करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था के तहत इजराइल को भागीदार देशों में से एक के रूप में चुना गया है।''
एसबीआई के अधिकारी ने कहा कि इस व्यवस्था के माध्यम से निर्यात/आयात करने वाली इजराइली संस्थाएं भारतीय रुपये में भुगतान प्राप्त करेंगी और देंगी जिसे इजराइली विक्रेता/खरीदार से माल या सेवाओं की आपूर्ति/खरीद के ‘इनवॉइस' के बदले विशेष रुपी वोस्ट्रो खाते (एसआरवीए) में जमा किया जाएगा।'' उन्होंने कहा, ‘‘एसबीआई तेल अवीव के पास इन लेन-देन को सुविधाजनक बनाने के लिए सभी आवश्यक स्वीकृतियां मौजूद हैं।'' एसबीआई की शाखा ने हाल ही में इजराइल-भारत वाणिज्य चैंबर के सहयोग से रुपये में व्यापार को बढ़ावा देने के लिए कई बैठकें एवं वेबिनार आयोजित किए। इन चर्चाओं में इजराइल की अधिकतर प्रमुख रक्षा संस्थाओं के अधिकारी शामिल हुए थे। हाल ही में 40,000 से अधिक भारतीय कामगारों के इजराइल कार्यबल में शामिल होने के साथ एसबीआई, तेल अवीव शाखा में भारत में उनके अनिवासी प्रवासी खाते खोलने की सुविधा प्रदान करके भारत में प्रेषण के प्रवाह को सुविधाजनक बनाने की भी कोशिश कर रहा है। एसबीआई ने 2007 में इजराइल में अपनी शाखा खोली और तब से एक पूर्ण विकसित परिचालन बनाए रखने में सफल रहा है। यह वैश्विक महामारी तथा क्षेत्र में जारी युद्ध के कारण दो वर्ष से अधिक समय तक चली उथल-पुथल के बावजूद इसकी दृढ़ता को दर्शाता है।
भारत के बाहर 241 ‘पॉइंट्स ऑफ प्रेजेंस' के माध्यम से इसकी उपस्थिति 29 देशों में है। अधिकारी ने कहा कि शाखा अपने वर्तमान एवं भावी ग्राहकों के साथ संबंध मजबूत करने और उनके व्यावसायिक प्रयासों में एक विश्वसनीय भागीदार बनने के लिए प्रतिबद्ध है। रुपए में व्यापार को बढ़ावा देने का यह प्रयास ऐसे समय में हो रहा है जब दोनों देश आर्थिक सहयोग की पूरी क्षमता का लाभ उठाने के लिए प्रयासरत हैं। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की नवंबर में इजराइल की यात्रा के बाद विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने दिसंबर में इजराइल पहुंचे थे। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी पिछले महीने अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी से बात की थी और दोनों नेताओं में ‘‘ बहुत जल्द मिलने पर सहमति'' बनी थी। इजराइल के पर्यटन मंत्री हैम काट्ज, अर्थव्यवस्था एवं उद्योग मंत्री नीर बरकत, कृषि एवं खाद्य सुरक्षा मंत्री एवी डिक्टर तथा वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच ने 2025 में भारत की यात्रा की। इसका मकसद मुक्त व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ना है। वित्त मंत्री बेजेलेल स्मोट्रिच की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने एक द्विपक्षीय निवेश संधि (बीआईटी) पर हस्ताक्षर किए। गोयल की इजराइल यात्रा के दौरान मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के लिए संदर्भ शर्तों पर हस्ताक्षर किए गए।