Yes Bank इनसाइडर ट्रेडिंग केस में SEBI का बड़ा एक्शन, 19 लोगों को भेजा गया नोटिस, जानें किन-किन पर गिरी गाज?

Edited By Updated: 23 Jan, 2026 06:39 PM

sebi takes major action in the yes bank insider trading case sends notices

सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने यस बैंक के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग का बड़ा मामला पकड़ा है। जुलाई 2022 में हुई हिस्सेदारी बिक्री से जुड़ी इस जांच में सेबी ने PwC और EY जैसी नामी कंसल्टेंसी फर्मों के मौजूदा और पूर्व...

बिजनेस डेस्कः सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) ने यस बैंक के शेयरों में इनसाइडर ट्रेडिंग का बड़ा मामला पकड़ा है। जुलाई 2022 में हुई हिस्सेदारी बिक्री से जुड़ी इस जांच में सेबी ने PwC और EY जैसी नामी कंसल्टेंसी फर्मों के मौजूदा और पूर्व एग्जीक्यूटिव्स समेत कुल 19 लोगों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि गोपनीय जानकारी का गलत इस्तेमाल कर Yes Bank के शेयरों में ट्रेडिंग की गई और गैरकानूनी मुनाफा कमाया गया।

जुलाई 2022 की डील से जुड़ा मामला

जुलाई 2022 में Yes Bank ने बड़ी फंडिंग जुटाते हुए अपनी करीब 10 फीसदी हिस्सेदारी कार्लाइल ग्रुप और एडवेंट इंटरनेशनल को 1.1 अरब डॉलर में बेची थी। इस डील की घोषणा 29 जुलाई 2022 को हुई, जिसके बाद शेयरों में करीब 6 फीसदी की तेजी आई। सेबी की जांच इस बात पर केंद्रित रही कि डील के ऐलान से पहले शेयरों में दिखी हलचल सामान्य थी या फिर अंदरूनी जानकारी का फायदा उठाया गया।

SEBI की जांच में क्या सामने आया?

सेबी के मुताबिक, कार्लाइल, एडवेंट, PwC और EY से जुड़े कुछ अधिकारियों ने अनपब्लिश्ड प्राइस सेंसिटिव इंफॉर्मेशन (UPSI) को साझा किया। इसका फायदा उनके परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों ने शेयरों की खरीद-फरोख्त में उठाया। जांच में Yes Bank के एक पूर्व बोर्ड सदस्य की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।

किन-किन पर गिरी गाज?

  • PwC और EY के भारतीय यूनिट से जुड़े दो सीनियर एग्जीक्यूटिव
  • कार्लाइल ग्रुप और एडवेंट इंटरनेशनल के अधिकारी
  • एग्जीक्यूटिव्स के रिश्तेदार और करीबी दोस्त (5 लोग)
  • Yes Bank का एक पूर्व बोर्ड सदस्य

SEBI का कहना है कि ये सभी ‘कनेक्टेड पर्सन्स’ थे और इन्होंने नियमों का उल्लंघन किया।

कंसल्टिंग फर्मों की कंप्लायंस पर सवाल

SEBI ने PwC और EY की आंतरिक कंप्लायंस व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। नियामक के मुताबिक, EY ने Yes Bank को पर्याप्त रूप से ‘रिस्ट्रिक्टेड लिस्ट’ में शामिल नहीं किया, जबकि PwC के पास एडवाइजरी क्लाइंट्स के लिए स्पष्ट रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक लिस्ट ही नहीं थी। इससे संवेदनशील जानकारी रखने वाले कर्मचारियों पर ट्रेडिंग रोक प्रभावी तरीके से लागू नहीं हो सकी।

EY के टॉप मैनेजमेंट से भी जवाब तलब

SEBI ने EY इंडिया के चेयरमैन और CEO राजीव मेमानी और COO से भी पूछा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। सेबी का आरोप है कि EY की इनसाइडर ट्रेडिंग पॉलिसी मौजूदा नियमों के अनुरूप नहीं थी।

क्या हो सकता है आगे?

नवंबर 2025 में जारी ये कारण बताओ नोटिस सेबी की कार्रवाई का पहला औपचारिक कदम है। अगर आरोप साबित होते हैं, तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं पर भारी जुर्माना, ट्रेडिंग बैन और अन्य सख्त नियामकीय कार्रवाई हो सकती है। 

Related Story

IPL
Royal Challengers Bengaluru

190/9

20.0

Punjab Kings

184/7

20.0

Royal Challengers Bengaluru win by 6 runs

RR 9.50
img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!