Edited By Anu Malhotra,Updated: 11 Mar, 2026 09:49 AM

ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग, हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में खदानें बिछाना शुरू कर दिया है, जिससे यह मार्ग अस्थिर हो गया है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक कच्चे तेल के परिवहन का लगभग एक-चौथाई हिस्सा संभालता है। अमेरिकी खुफिया सूत्रों के अनुसार,...
इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा धमनी, हॉर्मुज़ जलसंधि, इस वक्त एक बारूदी ढेर पर बैठी है। वैश्विक कच्चे तेल के लगभग पांचवें हिस्से के परिवहन वाले इस मार्ग में ईरान ने समुद्र के भीतर खदानें बिछाना शुरू कर दिया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों से परिचित सूत्रों के अनुसार, हालांकि अभी केवल कुछ दर्जन खदानें ही बिछाई गई हैं, लेकिन खतरा इससे कहीं बड़ा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के पास अपनी छोटी नौकाओं और खदान बिछाने वाले जहाजों का 80% से 90% हिस्सा अब भी सुरक्षित है, जिसका अर्थ है कि वे किसी भी समय सैकड़ों और खदानें बिछाकर इस मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध करने की क्षमता रखते हैं।
गंभीर परिणाम भुगतने होंगे
इस स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि ईरान ने इन खदानों को तुरंत नहीं हटाया, तो उसे ऐसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे जो इतिहास में पहले कभी नहीं देखे गए। ट्रम्प के इस कड़े संदेश के तुरंत बाद अमेरिकी सैन्य तंत्र हरकत में आ गया।
रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पुष्टि की कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने राष्ट्रपति के निर्देश पर हॉर्मुज़ जलसंधि में सक्रिय ईरानी खदान बिछाने वाले जहाजों को "निर्दयता से" नष्ट कर दिया है। सेंट्रल कमांड के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई में 16 खदान बिछाने वाले जहाजों सहित कई ईरानी नौसैनिक जहाजों को सफलतापूर्वक ढेर कर दिया गया है ताकि आतंकवादियों को इस वैश्विक मार्ग को बंधक बनाने से रोका जा सके।
वर्तमान में इस जलसंधि की स्थिति death valley जैसी हो गई है, जहां IRGC ने चेतावनी दी है कि यहां से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर हमला किया जाएगा। इस तनाव के कारण इराक और कुवैत जैसे देशों का लगभग 15 मिलियन बैरल प्रति दिन कच्चा तेल और 4.5 मिलियन बैरल परिष्कृत ईंधन खाड़ी में फंस गया है, क्योंकि उनके पास निर्यात का कोई दूसरा विकल्प नहीं है।
हालांकि ट्रम्प प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि उनके पास खदानों का पता लगाने के लिए दुनिया के सबसे बेहतरीन उपकरण मौजूद हैं, लेकिन अभी तक अमेरिकी नौसेना ने किसी भी व्यावसायिक जहाज को एस्कॉर्ट करना शुरू नहीं किया है। इस अनिश्चितता ने वैश्विक तेल बाजार में भारी उथल-पुथल मचा दी है, जहाँ कच्चे तेल की कीमतें $80 से $90 के बीच पागलों की तरह झूल रही हैं, जबकि G7 देश अब तेल की कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक आपूर्ति विकल्पों पर विचार कर रहे हैं।