Edited By jyoti choudhary,Updated: 06 Feb, 2026 10:46 AM

एशियाई बाजारों में गिरावट और आईटी शेयरों में कमजोरी के चलते भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (6 फरवरी) को गिरावट के साथ खुले। निवेशकों की नजरें RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर भी टिकी रहीं, जिसका ऐलान आज RBI गवर्नर...
बिजनेस डेस्कः एशियाई बाजारों में गिरावट और आईटी शेयरों में कमजोरी के चलते भारतीय शेयर बाजार हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार (6 फरवरी) को गिरावट के साथ खुले। निवेशकों की नजरें RBI की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले पर भी टिकी रहीं, जिसका ऐलान आज RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने किया। यह नीति बैठक केंद्रीय बजट और भारत-अमेरिका ट्रेड डील के बाद हुई है।
कारोबार की शुरुआत में 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 83,249.32 पर खुला और जल्द ही गिरावट बढ़ गई। सुबह 9:35 बजे यह 224.17 अंक यानी 0.27% गिरकर 83,089.76 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं NSE का निफ्टी-50 25,605 पर खुला और शुरुआती कारोबार में 25,600 के नीचे फिसल गया। सुबह 9:36 बजे निफ्टी 84.15 अंक यानी 0.33% गिरकर 25,558.65 पर ट्रेड कर रहा था।
RBI का फैसला
RBI की MPC ने मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखने का फैसला किया। 4 से 6 फरवरी तक चली बैठक में केंद्रीय बैंक ने ‘न्यूट्रल’ रुख बनाए रखा। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि फरवरी 2025 से अब तक कुल 100 बेसिस पॉइंट की दर कटौती की जा चुकी है।
निफ्टी के अहम स्तर
एनरिच मनी के सीईओ पोन्मुडी आर के अनुसार, निफ्टी 50 लगातार 25,800 के ऊपर टिकने में नाकाम रहने से कंसोलिडेशन फेज में है। 25,600-25,500 का दायरा मजबूत सपोर्ट माना जा रहा है, जबकि 25,800-25,900 और 26,000 का स्तर प्रमुख रेजिस्टेंस है। यदि निफ्टी 25,500 के नीचे टूटता है तो यह 25,000 तक फिसल सकता है।
ग्लोबल संकेत
एशियाई बाजारों में शुक्रवार को दबाव रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 3% और हांगकांग का हैंग सेंग लगभग 2% गिरा। अमेरिका में भी टेक शेयरों पर दबाव देखने को मिला। नैस्डैक-100 ने अप्रैल के बाद तीन दिनों में सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की। S&P 500 1.23% और नैस्डैक 1.59% नीचे बंद हुआ। AI सेक्टर को लेकर बढ़ती चिंताओं ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।