Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Feb, 2026 04:52 PM

इस साल की शुरुआत में चांदी ने ऐतिहासिक तेजी दिखाते हुए निवेशकों को चौंका दिया था। जनवरी के अंत में Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर चांदी ₹4,20,000 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, इसके बाद कीमतों में तेज करेक्शन...
बिजनेस डेस्कः इस साल की शुरुआत में चांदी ने ऐतिहासिक तेजी दिखाते हुए निवेशकों को चौंका दिया था। जनवरी के अंत में Multi Commodity Exchange of India (MCX) पर चांदी ₹4,20,000 प्रति किलो के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी। हालांकि, इसके बाद कीमतों में तेज करेक्शन आया और अब भाव करीब 46% गिरकर लगभग ₹2 लाख तक फिसल चुके हैं।
क्या है गिरावट की वजह?
विशेषज्ञों के मुताबिक, यह गिरावट मुख्य रूप से मुनाफावसूली और वैश्विक संकेतों के चलते आई है। अमेरिका-ईरान तनाव, डॉलर की मजबूती और ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता ने कीमती धातुओं पर दबाव डाला। बाजार अब जून 2026 से संभावित दर कटौती की उम्मीद जता रहा है।
लॉन्ग टर्म में क्यों मजबूत है चांदी?
भले ही अल्पावधि में उतार-चढ़ाव जारी है, लेकिन लंबी अवधि के लिए चांदी के फंडामेंटल मजबूत माने जा रहे हैं।
- लगातार सप्लाई घाटा
- सौर ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहन सेक्टर से मांग
- इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में उपयोग
- निवेशकों की बढ़ती रुचि
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
वेंचुरा के कमोडिटी प्रमुख एन.एस. रामास्वामी का मानना है कि मौजूदा करेक्शन पहले की तरह ही पैटर्न फॉलो कर रहा है और फरवरी के अंत या मार्च की शुरुआत में दोबारा तेजी देखने को मिल सकती है। चीनी नववर्ष (20 फरवरी तक) के दौरान बाजार में कम भागीदारी रहती है, जिसके बाद लिक्विडिटी और फिजिकल डिमांड बढ़ सकती है।
वहीं ऑगमोंट की रिसर्च हेड रेनिशा चैनानी के अनुसार, फिलहाल चांदी $70–$90 (करीब ₹2,25,000–₹2,85,000) के दायरे में कारोबार कर सकती है। उनका सुझाव है कि ट्रेडर गिरावट में खरीद और उछाल पर मुनाफावसूली की रणनीति अपनाएं।
सोना-चांदी का ताजा हाल
बुधवार को लगातार दो सत्रों की गिरावट के बाद बाजार में उछाल आया।
- MCX गोल्ड अप्रैल वायदा 1.24% बढ़कर ₹1,53,294 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।
- MCX सिल्वर मार्च वायदा 3.81% चढ़कर ₹2,37,490 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया।