Edited By jyoti choudhary,Updated: 25 Feb, 2026 01:54 PM

अमेरिका के कुछ भारतीय सौर उत्पादों पर 125.87 प्रतिशत का प्रारंभिक प्रतिकारी शुल्क (काउंटरवेलिंग ड्यूटी) लगाए जाने की घोषणा के बाद सौर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयर में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर वारी एनर्जीज लिमिटेड का शेयर 14.99...
नई दिल्लीः अमेरिका के कुछ भारतीय सौर उत्पादों पर 125.87 प्रतिशत का प्रारंभिक प्रतिकारी शुल्क (काउंटरवेलिंग ड्यूटी) लगाए जाने की घोषणा के बाद सौर क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के शेयर में बुधवार को भारी गिरावट दर्ज की गई। बीएसई पर वारी एनर्जीज लिमिटेड का शेयर 14.99 प्रतिशत लुढ़क गया जबकि प्रीमियर एनर्जीज लिमिटेड के शेयर में 14.23 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके अलावा, विक्रम सोलर लिमिटेड के शेयर में 7.47 प्रतिशत और स्टर्लिंग एंड विल्सन रिन्यूएबल एनर्जी लिमिटेड में 1.41 प्रतिशत की गिरावट आई। अमेरिका ने आरोप लगाया है कि भारतीय सौर उत्पादों को सरकार द्वारा अनुचित सब्सिडी दी जा रही है जिसके कारण 125.87 प्रतिशत का प्रारंभिक प्रतिकारी शुल्क घोषित किया गया है।
अमेरिकी आदेश के अनुसार, ''24 फरवरी 2026 को अमेरिकी वाणिज्य विभाग ने भारत, इंडोनेशिया और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (लाओस) से क्रिस्टलाइन सिलिकॉन फोटोवोल्टिक सेल, चाहे वे मॉड्यूल में संयोजित हों या नहीं (सोलर सेल), के संबंध में प्रतिकारी शुल्क जांच में अपने प्रारंभिक निष्कर्षों की घोषणा की।'' ये शुल्क अमेरिकी प्रशासन द्वारा 24 फरवरी से सभी देशों पर घोषित 10 प्रतिशत शुल्क के अतिरिक्त हैं।