Edited By jyoti choudhary,Updated: 23 Feb, 2026 04:27 PM

सोमवार को जहां भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप करीब 4% गिरकर 2.25 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। इस दौरान निवेशकों को लगभग 0.08 ट्रिलियन डॉलर...
बिजनेस डेस्कः सोमवार को जहां भारतीय शेयर बाजार में तेजी देखने को मिली, वहीं क्रिप्टोकरेंसी बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में ग्लोबल क्रिप्टो मार्केट कैप करीब 4% गिरकर 2.25 ट्रिलियन डॉलर पर आ गया। इस दौरान निवेशकों को लगभग 0.08 ट्रिलियन डॉलर (करीब 7.26 लाख करोड़ रुपए) का नुकसान हुआ।
बिटकॉइन और पाई नेटवर्क में बड़ी गिरावट
गिरावट की मार प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी पर भी पड़ी। बिटकॉइन 5% टूटकर 65,000 डॉलर के नीचे चला गया। वहीं ‘भविष्य का बिटकॉइन’ कहे जाने वाले पाई नेटवर्क कॉइन में 7% की गिरावट दर्ज की गई।
दोपहर 12:30 बजे के आसपास बिटकॉइन 3% से अधिक की गिरावट के साथ 65,790 डॉलर पर कारोबार कर रहा था। इथेरियम करीब 5% टूटकर 1,880 डॉलर पर पहुंच गया, जबकि रिपल 4% गिरकर 1.36 डॉलर पर ट्रेड कर रहा था। पाई नेटवर्क भी 5% से अधिक फिसलकर 0.1580 डॉलर पर आ गया।
गिरावट की वजह क्या रही?
क्रिप्टो बाजार में कमजोरी की मुख्य वजह वैश्विक अनिश्चितता रही। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा टैरिफ रद्द किए जाने के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने सप्ताहांत में लगभग सभी देशों पर 15% फ्लैट टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। एशियाई बाजारों ने इस फैसले पर नकारात्मक प्रतिक्रिया दी, जिसका असर क्रिप्टो पर भी पड़ा।
बड़े ऑल्टकॉइन्स भी नहीं बचे
पिछले 24 घंटों में इथेरियम में 6% की गिरावट आई। वहीं XRP, BNB, Solana, Tron, Dogecoin, Cardano और Hyperliquid जैसे प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में 8% तक की गिरावट देखी गई।
ETF आउटफ्लो और बिकवाली का दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार, गिरावट की वजह सिर्फ टैरिफ नहीं है। क्रिप्टो ETF से लगातार हो रहे आउटफ्लो ने भी बाजार पर दबाव बढ़ाया है। हालांकि ऑन-चेन डेटा से संकेत मिलते हैं कि बड़े निवेशक (व्हेल्स) गिरावट के दौरान खरीदारी कर रहे हैं, जिससे बाजार में आंशिक स्थिरता देखने को मिल सकती है।
कुल मिलाकर, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और निवेशकों की सतर्कता ने क्रिप्टो बाजार को झटका दिया है, जबकि पारंपरिक शेयर बाजारों में फिलहाल मजबूती बनी हुई है।