Edited By jyoti choudhary,Updated: 18 Feb, 2026 01:01 PM

वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार इस समय दबाव में है। दुनिया की प्रमुख डिजिटल करेंसी जैसे Bitcoin, Ethereum और Solana में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। साल 2025 की शुरुआत भी उतार-चढ़ाव भरी रही थी और इस बार भी निवेशकों को भारी अस्थिरता का सामना करना पड़...
बिजनेस डेस्कः वैश्विक क्रिप्टोकरेंसी बाजार इस समय दबाव में है। दुनिया की प्रमुख डिजिटल करेंसी जैसे Bitcoin, Ethereum और Solana में तेज गिरावट दर्ज की जा रही है। साल 2025 की शुरुआत भी उतार-चढ़ाव भरी रही थी और इस बार भी निवेशकों को भारी अस्थिरता का सामना करना पड़ रहा है।
अक्टूबर 2025 का हाई, अब बड़ी गिरावट
अक्टूबर 2025 में बिटकॉइन ने $1,26,000 का रिकॉर्ड स्तर छुआ था। हालांकि अब इसकी कीमत गिरकर $67,388.54 पर आ गई है। इस साल अब तक बिटकॉइन करीब 24% टूट चुका है, जो पिछले 8 वर्षों में सबसे कमजोर शुरुआत मानी जा रही है। अगर महीने के हिसाब से प्रदर्शन देखें, तो जनवरी में Bitcoin करीब 10% गिरा था। वहीं फरवरी में अब तक 13% से ज्यादा की गिरावट हो चुकी है। निवेशकों का सबसे बड़ा सवाल यह है कि Bitcoin $60,000 के अहम सपोर्ट को बचा पाएगा या गिरावट और तेज होगी। Bitcoin इस समय अपने सबसे मुश्किल दौर में नजर आ रहा है।
बाजार में डर का माहौल
क्रिप्टो मार्केट कैप में करीब 1.8% की गिरावट दर्ज की गई है। सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बाद निवेशकों में घबराहट बढ़ी है। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि कुछ बड़े संस्थागत निवेशकों ने क्रिप्टो एक्सचेंजों पर बिकवाली शुरू कर दी है। इसके चलते लॉन्ग टर्म होल्डर्स भी मुनाफावसूली या नुकसान से बचने के लिए बिक्री कर रहे हैं।
2018 के बाद सबसे खराब शुरुआत
विशेषज्ञों के अनुसार, साल 2018 के बाद क्रिप्टो बाजार की यह सबसे खराब शुरुआत मानी जा रही है। हालांकि पिछले साल भी शुरुआती महीनों में गिरावट आई थी लेकिन इस बार का दबाव ज्यादा गहरा दिखाई दे रहा है।
अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी का हाल
- पिछले 24 घंटे में 1.83% की गिरावट के साथ बिटकॉइन $67,388.54 पर ट्रेड कर रहा है।
- इथेरियम 0.18% टूटकर $1,989.05 पर आ गया है, जो कभी $3,000 के पार पहुंच चुका था।
- वहीं सोलाना में 2.49% की गिरावट दर्ज की गई है और इसकी कीमत $84.69 रह गई है।
आगे क्या?
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा गिरावट शॉर्ट टर्म पैनिक सेलिंग का परिणाम हो सकती है। हालांकि यह देखना अहम होगा कि क्या बिटकॉइन एक बार फिर रिकवरी कर नया ऑल टाइम हाई बना पाता है या बाजार में दबाव लंबे समय तक बना रहेगा। फिलहाल निवेशकों को सतर्क रहने और जोखिम प्रबंधन की रणनीति अपनाने की सलाह दी जा रही है।