AC-मिक्सर खरीदने की सोच रहे हैं...तो बिगड़ सकता है बजट, लाल धातु ने बढ़ाई टेंशन

Edited By Updated: 03 Jan, 2026 04:03 PM

thinking of buying an ac mixer your budget might get disrupted

सोना और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों की तरह ही अब लाल धातु यानी तांबे (Copper) के निवेशक भी खुश नजर आ रहे हैं लेकिन यह तेजी आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। अगर आप नया एसी, फ्रिज, मिक्सर-ग्राइंडर खरीदने या घर के लिए...

बिजनेस डेस्कः सोना और चांदी में निवेश करने वाले निवेशकों की तरह ही अब लाल धातु यानी तांबे (Copper) के निवेशक भी खुश नजर आ रहे हैं लेकिन यह तेजी आम उपभोक्ताओं के लिए चिंता बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। अगर आप नया एसी, फ्रिज, मिक्सर-ग्राइंडर खरीदने या घर के लिए फैंसी बाथवेयर और तांबे के बर्तन लेने की योजना बना रहे हैं, तो आपको जल्द ही ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।

दरअसल, तांबे की कीमतों में बीते कुछ समय से तेज उछाल देखने को मिल रहा है। चूंकि तांबा कई घरेलू सामानों के निर्माण में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी बढ़ती कीमतों का सीधा असर उपभोक्ता वस्तुओं की लागत पर पड़ना तय माना जा रहा है।

रिकॉर्ड स्तर पर तांबे के दाम

ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले महीने तांबे की कीमतें 12,000 डॉलर प्रति टन के रिकॉर्ड स्तर को पार कर गई थीं। यह साल 2009 के बाद तांबे की सबसे बड़ी सालाना बढ़ोतरी है। एक रिपोर्ट के अनुसार, जिन कंपनियों के उत्पादों में तांबा और उससे जुड़े पीतल जैसे मटेरियल की हिस्सेदारी ज्यादा है—जैसे ड्यूरेबल्स, कुकवेयर और बाथवेयर निर्माता—वे अब मुनाफा बनाए रखने के लिए कीमतें बढ़ाने की तैयारी कर रही हैं।

कई कंपनियां तांबा आयात और घरेलू सोर्सिंग दोनों के जरिए खरीदती हैं, इसलिए वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर उनकी कुल लागत पर पड़ रहा है।

कंपनियों ने दी बढ़ोतरी के संकेत

Wonderchef के सीईओ और फाउंडर रवि सक्सेना ने बताया कि तांबे और एल्युमिनियम की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच चुकी हैं। इसी वजह से कंपनी अपने अप्लायंसेज और कुकवेयर सेगमेंट में 5 से 7 फीसदी तक कीमतें बढ़ाने जा रही है। उन्होंने कहा कि न्यूट्री-ब्लेंड और हाई-परफॉर्मेंस मिक्सर-ग्राइंडर जैसे उत्पादों में तांबा एक अहम कच्चा माल है और ऊंची कीमतों से पूरे अप्लायंस सेक्टर के मार्जिन पर दबाव बना हुआ है।

AC की कीमतों पर भी असर

Godrej Enterprises Group के अप्लायंसेज बिजनेस के ईवीपी और बिजनेस हेड कमल नंदी ने बताया कि एसी सेगमेंट में इनपुट कॉस्ट कुल मिलाकर 8 से 10 फीसदी तक बढ़ गई है। तांबे की बढ़ती कीमतों और एनर्जी टेबल में बदलाव के चलते नए एसी की लागत बढ़ी है, जिससे आने वाले समय में एसी की कीमतों में 7 से 8 फीसदी तक इजाफा हो सकता है।

तांबे में तेजी की वजह क्या है?

Goldman Sachs के विश्लेषकों के अनुसार, पिछले साल तांबे और एल्युमिनियम जैसी इंडस्ट्रियल मेटल्स की कीमतों में तेजी की मुख्य वजह ब्याज दरों में गिरावट, कमजोर डॉलर और चीन की अर्थव्यवस्था में सुधार की उम्मीदें रही हैं। इसके अलावा सप्लाई में रुकावटें, नीतिगत बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश ने भी तांबे की मांग को बढ़ाया है।

गोल्डमैन सैक्स का अनुमान है कि साल 2026 की पहली छमाही में लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे की औसत कीमत करीब 10,710 डॉलर प्रति टन रह सकती है।
 

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