Edited By jyoti choudhary,Updated: 14 Apr, 2026 01:59 PM

शुक्रवार को जहां ज्यादातर स्टॉक्स दबाव में थें वहीं एक ऐसा शेयर गिरते बाजार में भी चमका। अपर सर्किट पर बंद होकर इस शेयर ने निवेशकों को चौंका दिया। गुजरात की लॉजिस्टिक्स और केमिकल ट्रेडिंग कंपनी A-1 लिमिटेड (BSE: 542012) ने वित्तीय मजबूती की दिशा में...
बिजनेस डेस्कः शुक्रवार को जहां ज्यादातर स्टॉक्स दबाव में थें वहीं एक ऐसा शेयर गिरते बाजार में भी चमका। अपर सर्किट पर बंद होकर इस शेयर ने निवेशकों को चौंका दिया। गुजरात की लॉजिस्टिक्स और केमिकल ट्रेडिंग कंपनी A-1 लिमिटेड (BSE: 542012) ने वित्तीय मजबूती की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने अपने 90% से अधिक मोटर वाहन फ्लीट को ऋणमुक्त (Debt-free) बना लिया है। प्रबंधन का लक्ष्य है कि अक्टूबर 2026 तक सभी वाहन संबंधी देनदारियों का भुगतान कर फ्लीट को पूरी तरह कर्ज मुक्त कर दिया जाए।
इस सकारात्मक अपडेट का असर शेयर बाजार में तुरंत देखने को मिला। भारी गिरावट वाले कारोबारी दिन में भी कंपनी का शेयर 5% की तेजी के साथ अपर सर्किट पर बंद हुआ।
गिरते बाजार में भी चमका स्टॉक
सोमवार को शेयर बाजार में दबाव रहा।
- BSE सेंसेक्स 702 अंक गिरकर बंद हुआ लेकिन A-1 लिमिटेड का शेयर विपरीत दिशा में चला गया।
- शुक्रवार को शेयर: ₹15.54
- सोमवार को ओपन: ₹16.31 (+4.95%)
- दिन का उच्चतम स्तर: ₹16.31 (अपर सर्किट)
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि कंपनी के फंडामेंटल्स पर निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है।
फ्लीट विस्तार से बढ़ेगी ऑपरेशनल क्षमता
कंपनी अपनी लॉजिस्टिक्स क्षमता को बढ़ाने के लिए 10 मल्टी-एक्सल टैंकर अपने बेड़े में शामिल कर रही है। इस विस्तार के साथ, कंपनी के स्वामित्व वाले फ्लीट में वाहनों की कुल संख्या बढ़कर 71 हो जाएगी, जिससे वह बढ़ती ग्राहक मांग को बेहतर ढंग से पूरा कर सकेगी और सभी बाजारों में समय पर डिलीवरी सुनिश्चित कर सकेगी। फ्लीट के आकार में वृद्धि से थर्ड-पार्टी ट्रांसपोर्टर्स पर निर्भरता कम होगी, टर्नअराउंड टाइम में सुधार होगा और लॉजिस्टिक्स कॉस्ट को अनुकूलित करने में मदद मिलेगी।
प्रबंधन का बयान
कंपनी के CMD हर्षदकुमार पटेल ने कहा, “लगभग डेट-फ्री फ्लीट हासिल करना हमारे अनुशासित वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। नए टैंकरों और इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश से हमारी सेवा क्षमता और मजबूत होगी। इससे ग्राहकों को बेहतर वैल्यू मिलेगी और कंपनी को दीर्घकालिक ग्रोथ में मदद मिलेगी।”