Edited By Sarita Thapa,Updated: 19 Jan, 2026 01:37 PM

हिंदू धर्म में एकादशी के सभी व्रतों में आमलकी एकादशी का एक विशेष और दिव्य स्थान है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली इस एकादशी को भक्त बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं, क्योंकि यह न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का पर्व है, बल्कि यह वसंत के आगमन और...
Amalaki Ekadashi 2026 : हिंदू धर्म में एकादशी के सभी व्रतों में आमलकी एकादशी का एक विशेष और दिव्य स्थान है। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष में आने वाली इस एकादशी को भक्त बड़े ही उत्साह के साथ मनाते हैं, क्योंकि यह न केवल आध्यात्मिक शुद्धि का पर्व है, बल्कि यह वसंत के आगमन और होली की शुरुआत का संकेत भी देती है। जिसे हम रंगभरी एकादशी के नाम से भी जानते हैं, यह दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की विशेष आराधना को समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन किया गया व्रत और दान, साधक के जन्म-जन्मांतर के कष्टों को हर लेता है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त करता है। तो आइए जानते हैं 2026 की आमलकी एकादशी के शुभ मुहूर्त और पूजा विधि के बारे में-
Amalaki Ekadashi date 2026 आमलकी एकादशी की डेट
आमलकी एकादशी तिथि का प्रारंभ 12 फरवरी 2026 को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट से हो जाएगा, लेकिन इसका समापन अगले दिन 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट पर होगा। उदया तिथि की मान्यता के अनुसार, श्रद्धालु 13 फरवरी 2026 शुक्रवार को ही आमलकी एकादशी का उपवास रखेंगे।

Amalaki Ekadashi Shubh muhurat 2026 आमलकी एकादशी पूजा के लिए विशेष शुभ मुहूर्त
ब्रह्म मुहूर्त: साधना और ध्यान के लिए सबसे उत्तम समय सुबह 05:18 से 06:09 तक रहेगा।
अभिजित मुहूर्त: दोपहर के समय पूजा के लिए श्रेष्ठ मुहूर्त 12:13 से 12:58 तक उपलब्ध है।
विजया मुहूर्त: जैसा कि नाम से स्पष्ट है, कार्यों में सफलता दिलाने वाला यह विशेष मुहूर्त दोपहर 02:27 से 03:12 तक रहेगा।
Importance of Amalaki Ekadashi आमलकी एकादशी महत्व
पुराणों के अनुसार, जब भगवान विष्णु ने सृष्टि की रचना के लिए ब्रह्मा जी को उत्पन्न किया, उसी समय 'आंवले' के वृक्ष की उत्पत्ति हुई थी। इसीलिए इस वृक्ष के रोम-रोम में देवताओं का वास माना जाता है। इस दिन आंवले के पूजन से घर में सुख-शांति और अटूट लक्ष्मी का वास होता है।

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