Akshaya Navami 2021: इस दिन हुआ था त्रेतायुग का आरंभ, जानें शुभ मुहूर्त

Edited By Updated: 12 Nov, 2021 11:04 AM

amla navami 2021

​​​​​​​सनातन धर्म में कार्तिक मास का अधिक महत्व है। धार्मिक शास्त्रों व मान्यताओं के अनुसार इस पूरे मास में हिंदू धर्म के कई प्रमुथ त्यौहार पड़ते हैं। इन्हीं में से एक है अक्षय नवमी का पर्व। ज्योतिष

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ
सनातन धर्म में कार्तिक मास का अधिक महत्व है। धार्मिक शास्त्रों व मान्यताओं के अनुसार इस पूरे मास में हिंदू धर्म के कई प्रमुथ त्यौहार पड़ते हैं। इन्हीं में से एक है अक्षय नवमी का पर्व। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को आंवला पूजा का विधान होता है, जिसे अक्षय नवमी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार ये तिथि 12 नवंबर, शुक्रवार को पड़ रही है। यहां जानें आंवला तिथि समय व शुभ मुहूर्त समय-

आंवला नवमी तिथि-
आंवला नवमी तिथि का प्रारंभ 12 नवंबर, शुक्रवार सुबह 05 बजकर 51 मिनट से प्रारंभ होगी 
13 नवंबर, शनिवार को सुबह 05 बजकर 30 मिनट तक रहेगी।

आंवला नवमी 2021 शुभ मुहूर्त-
आंवला नवमी 12 नवंबर 2021 दिन शुक्रवार को पड़ रही है. इस दिन सुबह 06 बजकर 50 मिनट से दोपहर 12 बजकर 10 मिनट तक पूजन का शुभ मुहूर्त है। 

धार्मिक ग्रंथों में किए वर्णन के अनुसार इस दिन से त्रेतायुग का आरंभ हुआ था। कहा जाता है कि अक्षय का अर्थ होता है जिसका क्षरण न हो। ज्योतिष मान्यताएं हैं इस दिन किए गए प्रत्येक शुभ कार्यों का फल अक्षय रहता है। तो वही ये भी मान्यता है कि इसी दिन श्री कृष्ण ने कंस के विरुद्ध वृंदावन में घूमकर जनमत तैयार किया था, जिस कारण इस दिन वृंदावन की परिक्रमा करने का भी विधान है। 

इसके अलावा ये भी मान्यता है इस दिन दान आदि करने से पुण्य का फल इस जन्म में तो मिलता ही है, अगले जन्म में भी मिलता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन आंवले के वृक्ष की पूजा करने से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है। कहते हैं कि इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा करते समय परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की कामना करनी चाहिए। इतना ही नहीं, पूजा आदि के बाद वृक्ष के पेड़ के नीचे बैठकर भोजन किया जाता है और प्रसाद के रूप में आवंला खाया जाता है। 


 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!