Ayodhya: अयोध्या के दूसरे श्री राम, जिनका अस्पताल वर्ष 1900 से कर रहा है गरीबों की सेवा

Edited By Updated: 05 Feb, 2024 07:35 AM

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सदियों से अयोध्या के लोग भगवान राम से अपनी भलाई के लिए प्रार्थना करते रहे हैं, लेकिन शहर में एक और ‘श्री राम’ भी हैं जो 120 से अधिक वर्षों से गरीबों और बीमारों के

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अयोध्या (एजैंसी): सदियों से अयोध्या के लोग भगवान राम से अपनी भलाई के लिए प्रार्थना करते रहे हैं, लेकिन शहर में एक और ‘श्री राम’ भी हैं जो 120 से अधिक वर्षों से गरीबों और बीमारों के दुख दूर कर रहे हैं, सहायता प्रदान करते आ रहे हैं और उनके जख्मों का उपचार करते हैं। ऐतिहासिक विरासत को समेटे श्री राम अस्पताल का भवन शहर के केंद्र में राम पथ से जुड़े व नवनिर्मित भव्य राम मंदिर से एक किलोमीटर से भी कम की दूरी पर स्थित है। 

इमारत के मुख्य ब्लॉक में एक दीवार पर लगी पुरानी संगमरमर की पट्टिका पर एक शिलालेख है, जिस पर लिखा है - ‘माननीय राय श्री राम बहादुर द्वारा अयोध्या के गरीबों के लिए निर्मित यह अस्पताल पांच नवम्बर 1900 को शुरू किया गया था तब इसकी आधारशिला फैजाबाद मंडल के आयुक्त आईसीएस श्री जे हूपर द्वारा रखी गई थी।’ 

शिलालेख में लिखा है कि इसे ‘12 अप्रैल 1902 को आगरा और अवध के संयुक्त प्रांत के लेफ्टिनेंट गवर्नर एच.एच सर जेम्स डिग्स लाटूश, के.सी.एस.आई ने सार्वजनिक उपयोग के लिए खोला था’। एक अन्य पट्टिका पर हिंदी और उर्दू में वही शिलालेख अंकित है। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी यश प्रकाश सिंह ने यहां ‘पी.टी.आई-भाषा’ को बताया, ‘यह अस्पताल क्योंकि अयोध्या में और राम जन्मभूमि स्थल के निकट स्थित है इसलिए बहुत बड़ी संख्या में लोग सोचते हैं कि इसका नाम प्रभु श्री राम के नाम पर रखा गया है। इसके संस्थापक श्री राम एक परोपकारी व्यक्ति थे, जिन्होंने इस अस्पताल की स्थापना की थी। अस्पताल में अयोध्या और फैजाबाद के साथ-साथ गोंडा और बस्ती जिलों से भी मरीज आते हैं।’

उन्होंने कहा कि अस्पताल उत्तर प्रदेश सरकार के अधीन है और इलाज मुफ्त है। कई लोग ‘यह भी सोचते हैं कि यह एक निजी अस्पताल है’’। 

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