Edited By Niyati Bhandari,Updated: 06 Apr, 2026 10:24 AM

Bhojan Vaastu Niyam: भोजन और वास्तु का आपस में गहरा संबंध है। भारतीय परंपराओं में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। यह केवल घर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों जैसे खाने-पीने के तरीकों पर भी इसका प्रभाव माना जाता है।...
Bhojan Vaastu Niyam: भोजन और वास्तु का आपस में गहरा संबंध है। भारतीय परंपराओं में वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। यह केवल घर के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी रोजमर्रा की आदतों जैसे खाने-पीने के तरीकों पर भी इसका प्रभाव माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, हम किस दिशा में बैठकर भोजन करते हैं, थाली में क्या और कैसे परोसते हैं, यहां तक कि रोटियों की संख्या भी घर की ऊर्जा और व्यक्ति के स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है।

सही दिशा में करें भोजन
वास्तु के अनुसार भोजन करते समय दिशा का विशेष ध्यान रखना चाहिए। उत्तर-पूर्व दिशा (ईशान कोण) की ओर मुख करके खाना सबसे शुभ माना जाता है। यह दिशा सकारात्मक ऊर्जा का स्रोत मानी जाती है। इससे मानसिक शांति और पाचन बेहतर होता है। वहीं, दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके भोजन करना अशुभ माना गया है, क्योंकि इससे नकारात्मक ऊर्जा बढ़ सकती है।
थाली का सही चुनाव क्यों जरूरी?
भोजन करने की थाली भी ऊर्जा संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कांसे की थाली को सबसे शुभ और स्वास्थ्यवर्धक माना गया है। स्टील की थाली भी एक अच्छा विकल्प है। प्लास्टिक की थाली से बचने की सलाह दी जाती है। साथ ही, टूटी या चटकी हुई थाली में भोजन करना अशुभ माना जाता है। हमेशा साफ और सही हालत वाली थाली का उपयोग करें।

रोटियों की संख्या का रखें ध्यान
भोजन परोसने के तरीके को भी वास्तु में महत्वपूर्ण माना गया है। थाली में सबसे पहले चावल और रोटी रखना शुभ होता है। रोटियां समृद्धि का प्रतीक मानी जाती हैं।

महत्वपूर्ण नियम
1, 2 या 4 रोटियां परोसना शुभ
3 रोटियां परोसने से बचना चाहिए, इसे अशुभ माना गया है।

नमक और अचार रखने के नियम
भोजन में नमक और अचार रखने का तरीका भी ऊर्जा संतुलन से जुड़ा माना गया है। अतिरिक्त नमक हमेशा थाली के दाईं ओर रखें।
अचार को बाईं ओर रखना शुभ माना जाता है।
भोजन से जुड़े ये सरल वास्तु नियम न केवल आपकी दिनचर्या को बेहतर बनाते हैं, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा, सुख और समृद्धि बनाए रखने में भी मदद कर सकते हैं। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप अपने जीवन में बड़ा सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।
