Bhutadi Amavasya 2026 : इस दिन किए गए उपाय दूर करते हैं बुरी बलाएं, जानें कब है भूतड़ी अमावस्या

Edited By Updated: 14 Mar, 2026 03:11 PM

bhutadi amavasya 2026

Bhutadi Amavasya 2026 :  भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या का विशेष महत्व है लेकिन जब बात भूतड़ी अमावस्या की आती है, तो इसका आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व और भी बढ़ जाता है। यह दिन नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति, पितृ दोष के निवारण और ऊपरी...

शास्त्रों की बात, जानें धर्म के साथ

Bhutadi Amavasya 2026 :  भारतीय संस्कृति और ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या का विशेष महत्व है लेकिन जब बात भूतड़ी अमावस्या की आती है, तो इसका आध्यात्मिक और तांत्रिक महत्व और भी बढ़ जाता है। यह दिन नकारात्मक ऊर्जाओं से मुक्ति, पितृ दोष के निवारण और ऊपरी बाधाओं को दूर करने के लिए अचूक माना जाता है। साल 2026 में भूतड़ी अमावस्या कब है और इस दिन किन उपायों से आप अपने जीवन की परेशानियों को दूर कर सकते हैं, आइए विस्तार से जानते हैं।

Bhutadi Amavasya 2026

भूतड़ी अमावस्या 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की अमावस्या को भूतड़ी अमावस्या कहा जाता है।

वर्ष 2026 में भूतड़ी अमावस्या 19 मार्च को पड़ रही है।
अमावस्या तिथि प्रारंभ: 18 मार्च बुधवार को सुबह 8:25 बजे से
अमावस्या तिथि समाप्त: 19 मार्च गुरुवार को सुबह 6:52 बजे तक 

क्यों कहा जाता है इसे भूतड़ी अमावस्या ?
नाम सुनकर थोड़ा डर लगना स्वाभाविक है, लेकिन इसका अर्थ नकारात्मक नहीं है। शास्त्रों के अनुसार, इस दिन ब्रह्मांड में नकारात्मक शक्तियां या अतृप्त आत्माएं अधिक सक्रिय होती हैं। यह दिन उन लोगों के लिए विशेष है जो मानसिक अशांति, तंत्र-मंत्र या किसी अज्ञात भय से पीड़ित हैं  माना जाता है कि इस दिन नदी स्नान और दान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है, जिससे घर में सुख-शांति आती है। मध्य प्रदेश के नर्मदा घाटों पर इस दिन भारी भीड़ उमड़ती है, जहां लोग प्रेत बाधा से मुक्ति के लिए विशेष अनुष्ठान करते हैं।

बुरी बलाएं दूर करने के अचूक उपाय

पवित्र नदी में स्नान और दीपदान
प्रातः काल किसी पवित्र नदी (जैसे गंगा, नर्मदा या क्षिप्रा) में स्नान करें। यदि संभव न हो, तो घर में ही नहाने के पानी में थोड़ा गंगाजल मिलाकर स्नान करें। शाम के समय किसी नदी के किनारे या पीपल के पेड़ के नीचे 5 दीपक जलाएं। इससे नकारात्मक शक्तियां घर से दूर रहती हैं।

 हनुमान चालीसा और बजरंग बाण का पाठ
चूंकि 2026 की यह अमावस्या मंगलवार को है, इसलिए हनुमान जी की शरण में जाना सबसे उत्तम है। शाम के समय चमेली के तेल का दीपक जलाकर बजरंग बाण का 3 बार पाठ करें। यह उपाय ऊपरी बाधा या नजर दोष को जड़ से खत्म करने की क्षमता रखता है।

 पीपल वृक्ष की पूजा
अमावस्या के दिन पीपल के पेड़ में भगवान विष्णु और पितरों का वास माना जाता है। एक लोटे में जल, कच्चा दूध, काले तिल और चीनी मिलाकर पीपल की जड़ में अर्पित करें। पेड़ की 7 बार परिक्रमा करें। इससे कुंडली का पितृ दोष शांत होता है।

काले कुत्ते को रोटी खिलाना
अमावस्या के दिन काले कुत्ते को सरसों के तेल से चुपड़ी हुई रोटी खिलाना राहु, केतु और शनि के अशुभ प्रभाव को कम करता है। इसे अदृश्य बाधाओं को शांत करने का सबसे सरल टोटका माना जाता है।

घर की शुद्धि 

Bhutadi Amavasya 2026
शाम के समय लोबान, गूगल, कपूर और नीम के सूखे पत्तों को जलाकर पूरे घर में उसका धुआं दिखाएं। यह प्राकृतिक 'एंटी-बैक्टीरियल' होने के साथ-साथ घर की नकारात्मक ऊर्जा को बाहर निकाल फेंकता है।

भूतड़ी अमावस्या पर क्या न करें ?

सुनसान रास्तों से बचें: देर रात किसी चौराहे, श्मशान या सुनसान रास्ते पर जाने से बचें। इस दिन 'ऊपरी हवाओं' का प्रभाव तेज होता है।

तामसिक भोजन का त्याग: मांस, मदिरा और लहसुन-प्याज का सेवन न करें। मन को शांत और सात्विक रखें।

विवाद से बचें: इस दिन घर में झगड़ा करने से पितृ नाराज होते हैं, जिससे साल भर मानसिक तनाव बना रह सकता है।

सफेद वस्तुओं का दान: अमावस्या की रात को दूध, चावल या सफेद मिठाई जैसी चीजें किसी अनजान व्यक्ति को न दें और न ही बाहर से लें।

Bhutadi Amavasya 2026

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!