Edited By Niyati Bhandari,Updated: 18 Aug, 2026 01:36 PM

वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2026 के तहत सोमवार को नाग-पंचमी के दिन महंत दीपेंद्र गिरि की अगुवाई में छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ को श्रीनगर के हरि पर्वत पर स्थित प्राचीन मां शारिका-भवानी मंदिर में विशेष पूजा के लिए ले जाया गया। श्रावण शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के...
जम्मू (कमल): वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2026 के तहत सोमवार को नाग-पंचमी के दिन महंत दीपेंद्र गिरि की अगुवाई में छड़ी मुबारक स्वामी अमरनाथ को श्रीनगर के हरि पर्वत पर स्थित प्राचीन मां शारिका-भवानी मंदिर में विशेष पूजा के लिए ले जाया गया। श्रावण शुक्ल पक्ष प्रतिपदा के अवसर पर देवी की पूजा-अर्चना की गई, जो पुरानी परंपराओं से चली आ रही है। पवित्र छड़ी के साथ आए साधुओं ने लगभग एक घंटे तक चली पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। जम्मू-कश्मीर और पूरे देश की शांति और खुशहाली के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई। देवी शारिका भवानी को साधक ‘त्रिपुरसुंदरी’ और ‘चक्रेश्वरी देवी’ के नाम से भी जानते हैं और उन्हें श्रीनगर शहर की इष्ट देवी माना जाता है।
कहा जाता है कि वे हरि-पर्वत पर शिला (पवित्र पत्थर) के रूप में प्रकट हुई थीं। इस साल सोमवार 17 अगस्त को नाग-पंचमी के दिन पारंपरिक छड़ी-पूजन किया गया। मुख्य यात्रा के लिए छड़ी-मुबारक 22 अगस्त को श्रीनगर के दशनामी अखाड़ा से दक्षिण कश्मीर में 13,500 फुट की ऊंचाई पर स्थित स्वामी अमरनाथ जी के पवित्र तीर्थस्थल के लिए रवाना होगी। इस साल 28 अगस्त को श्रावण-पूर्णिमा (रक्षा-बंधन) के शुभ अवसर पर पारंपरिक पूजा और रस्में निभाई जाएंगी।