Edited By Niyati Bhandari,Updated: 23 Oct, 2022 01:19 PM
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Happy Green Diwali 2022: रोशनी और खुशियों का त्यौहार दीवाली देशभर में धूमधाम से मनाया जाता है। इसे मनाने का तरीका भले ही देशभर में अलग-अलग हो, लेकिन उद्देश्य एक ही है। दीपावली सत्य की विजय और अंधकार पर रोशनी की जीत के प्रतीक के तौर पर मनाई जाती है। दीवाली के दिन अपने घर को सजाने-संवारने और दिए जलाने की परम्परा बहुत पुरानी है। खुशियों और रोशनी के पर्व को सैलिब्रेट करने के लिए लोग अपने घरों को दुल्हन की तरह सजाते हैं, रंगोली बनाते हैं, जगमगाती लाइटों से घर की सजावट की जाती है। यही नहीं, ढेर सारी तैयारियों के बीच नए कपड़े पहन कर परिवार के सभी लोग पूजा करते हैं।
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Ways to celebrate eco friendly diwali: मां लक्ष्मी और गणेश जी की आराधना करने के बाद लोग पटाखे फोड़ते हैं। हालांकि इस बात से हर कोई वाकिफ है कि पटाखों की वजह से हमारे आसपास का पर्यावरण कितनी तेजी से दूषित हो रहा है। प्रदूषण की वजह से हम खुद को भी नुक्सान पहुंचा रहे हैं। ऐसे में आप चाहें तो इस बार दीपावली ईको फ्रैंडली तरीके से मना सकते हैं। अगर आपके मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ईको फ्रैंडली दीपावली कैसे मनाई जा सकती है, तो आज हम आपको रोशनी और खुशियों के इस त्यौहार को मनाने के लिए बता रहे हैं कुछ बेहद आसान और मजेदार टिप्स।
‘ग्रीन पटाखों’ का करें इस्तेमाल
आम पटाखे बहुत हानिकारक होते हैं क्योंकि उनमें बारूद के साथ-साथ कई ज्वलनशील रसायनों का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक होते हैं। पटाखा जलने के बाद निकलने वाला धुंआ वायु प्रदूषण भी बहुत करता है। ग्रीन पटाखों में से प्रदूषणकारी कैमिकल्स, जैसे एल्यूमीनियम, बेरियम, पोटैशियम नाइट्रेट और कार्बन को या तो हटा या इनके उत्सर्जन को 15 से 30 प्रतिशत तक कम कर दिया जाता है।

मोमबत्ती से नहीं ‘दिए’ से सजाएं घर
वैसे तो दीपावली पर दिए जलाने की पुरानी परम्परा है लेकिन इन दिनों मोमबत्तियों का क्रेज तेजी से बढ़ा है। हालांकि मोमबत्तियों से भी पर्यावरण को नुक्सान पहुंचता है। दरअसल मोमबत्तियों में पैट्रोलियम पदार्थ होते हैं जो प्रकृति को नुक्सान पहुंचाते हैं। ऐसे में घरों को सजाने के लिए आप मिट्टी के दियों और एल.ई.डी. लाइटों का इस्तेमाल कर सकते हैं। एल.ई.डी. लाइटें जलाने से बिजली की खपत कम होती है।
ऑर्गैनिक रंगोली बनाएं
क्या आप जानते हैं कि हम अपने घरों में जिन रंगों से रंगोली सजाते हैं, वे जमीन को प्रदूषित करने का काम कर सकते हैं क्योंकि उनमें कैमिकल होता है। ऐसे में इस साल ईको फ्रैंडली दीपावाली मनाते हुए आप फूलों या चावलों का इस्तेमाल करके बेहद खूबसूरत रंगोली सजा सकते हैं। रंगोली देखने में जितनी खूबसूरत लगती है, उतनी ही प्राकृतिक भी होती है।

अपनी रंगोली को रंगों से भरने के लिए आप चावल, कॉफी पाऊडर, हल्दी और कुमकुम का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। इसके अलावा आप फूलों की रंगोली बनाना चाहते हैं तो गुलाब की पत्तियां, कमल, गेंदे के फूल और अशोक की पत्तियों को मिलाकर बेहद खूबसूरत रंगोली सजा सकते हैं। दीपावली के बाजारों में प्लास्टिक के स्टिकर वाली कई वैरायटी की रंगोली मिल रही हैं लेकिन दीपावली पर अपने घरों में फूल, चावल या फिर बाजार में आए रंगोली के रंगों से हाथों से रंगोली बनाने की बात ही कुछ और है।
ऑर्गैनिक गिफ्ट बनाएं
दीपावली पर एक-दूसरे को तोहफे देने की परम्परा है। ऐसे में अगर आप अपनों को उपहार देने जा रहे हैं तो चमकीली पॉलिथीन से परहेज करें और न्यूजपेपर या हैंडमेड पेपर से अच्छी तरह गिफ्ट को रैप करके दें।

ऐसा करना ईको फ्रैंडली भी है और लोगों को पसंद भी आएगा। दीपावली के दिन ड्राई फ्रूट्स के अलावा आप चाहें तो छोटे पौधे भी गिफ्ट कर सकते हैं। यही नहीं, आप मिट्टी से बनी चीजें को भी उपहार में दे सकते हैं।
