Edited By Niyati Bhandari,Updated: 03 Nov, 2026 01:37 PM

राजधानी दिल्ली के सब्जी मंडियों में इन दिनों बदलते मौसम व त्योहारी सीजन के चलते सब्जियों के दामों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। आजादपुर सब्जी मंडी तथा पश्चिमी दिल्ली की सबसे बड़ी सब्जी मंडी, केशोपुर में भी सब्जियां सामान्य स्तर से ऊपर बिक...
नई दिल्ली (जे.के.पुष्कर/नवोदय टाइम्स): राजधानी दिल्ली के सब्जी मंडियों में इन दिनों बदलते मौसम व त्योहारी सीजन के चलते सब्जियों के दामों में मिला-जुला असर देखने को मिल रहा है। आजादपुर सब्जी मंडी तथा पश्चिमी दिल्ली की सबसे बड़ी सब्जी मंडी, केशोपुर में भी सब्जियां सामान्य स्तर से ऊपर बिक रही हैं। खासकर प्याज के दाम पहले की तरह चढ़े हुए हैं। फूल गोभी व टमाटर के दामों में कुछ नरमी आई है, लेकिन पालक, सरसो के साग तथा अन्य हरी सब्जियों के की कीमतें आम लोगों की रसोई के बजट पर खासा असर डाल रही है। खुदरा बाजार में आलू लगभग 100 रुपये में 5 किलो के आसपास या सामान्य तौर पर 15 से 20 प्रति किलो के हिसाब से मिल रहा है।
दिवाली और त्योहारी मांग के कारण कई जगहों पर प्याज और अन्य प्रमुख सब्जियों के दाम ऊंचे बने हुए हैं, जिससे रसोई के बजट पर असर पड़ा है। आजादपुर मंडी में फूल गोभी व पत्ता गोभी बोरी के हिसाब से 800 से 1100 (लगभग 22 से 30 प्रति किलो) थोक में बिक रही है। खुदरा बाजार में फूल गोभी व पत्ता गोभी 40 से 60 रुपए किलो बिक रहा है। प्याज की कीमत का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि खुदरा बाजार में अच्छी किस्म का प्याज 70-80 रुपये किलो बिक रहा है। खुदरा बाजार में मूली 40, बैगन 40 से 50, लोबिया 60, सेम 60, अरबी 60 रुपए व भिंडी 60 किलो है। इसके अलावा मिर्च खुदरा बाजार में 80 से 100 अदरक 120 से 200, निंबु 150 से 200 रुपए किलो तक बिक रहा है। करेला और बींस जैसी सब्जियां भी ऊंचे दामों पर मिल रही हैं। धनिया पत्ता 75 से 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। पुदीना 20 रुपये में गड्डी उपलब्ध है, लेकिन मांग बढ़ने पर इसके दाम भी ऊपर जा सकते हैं।
व्यापारी संगठनों का मानना है कि नई फसलों की आवक बढ़ने के बाद ही कीमतों में पूरी तरह से राहत मिलने की उम्मीद है। कारोबारियों का कहना है कि मौसम में बदलाव, आवक में कमी और परिवहन लागत बढ़ने जैसे कारणों से कीमतों में तेजी बनी हुई है। फिलहाल राजधानी के उपभोक्ताओं को चुनिंदा सब्जियों के लिए जेब कुछ ज्यादा ढीली करनी पड़ रही है।